भोपाल रेलवे स्टेशन पर नई तकनीक से ट्रेनों का मेंटेनेंस होगा तेज
भोपाल रेलवे मंडल में नई मशीन की स्थापना
भोपाल
भोपाल रेल मंडल ने ट्रेनों के संचालन को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रानी कमलापति (आरकेएमपी) रेलवे स्टेशन पर एक अत्याधुनिक व्हील टर्निंग मशीन की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। इस शेड का निर्माण लगभग 10.90 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। शेष कनेक्टिविटी कार्य पूरा होते ही मशीन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके कार्यान्वयन से भोपाल से चलने वाली और गुजरने वाली ट्रेनों के पहियों के रखरखाव में समय और संसाधनों की बचत होगी। इससे ट्रेनों की उपलब्धता और समय पर चलने में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। इस शेड के सिविल निर्माण का कार्य एम/एस एल.एन. पांठी को सौंपा गया है, जबकि इलेक्ट्रिकल कार्य एम/एस मारर सैनफील्ड इंडिया लिमिटेड, भोपाल द्वारा किया जा रहा है.
तीन घंटे में होगा पहियों का रखरखाव
पहले ट्रेनों के पहियों के रखरखाव के लिए कोचों को निशातपुरा वर्कशॉप भेजा जाता था, जिसमें लगभग 10-15 दिन लगते थे। कई बार समय पर रखरखाव न होने के कारण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता था। नई व्हील टर्निंग मशीन के शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया आरकेएमपी स्टेशन पर ही पूरी की जा सकेगी। यह मशीन पूरी तरह से ऑटोमेटिक है, जिससे पहले एक हफ्ते में होने वाला काम अब केवल 3 घंटे में संभव होगा। इससे ट्रेन के टर्नअराउंड टाइम में कमी आएगी और संचालन अधिक सुचारू होगा.
