भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत: समय और सबूतों में असंगति
ट्विशा शर्मा की मौत का रहस्य
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत का मामला: भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में दिन बीतने के साथ सवालों की संख्या बढ़ती जा रही है। पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा की मौत के आठ दिन बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। उनका शव अभी भी एम्स भोपाल की मर्चुरी में रखा हुआ है। परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। अब इस केस में सबसे बड़ा सवाल मौत की टाइमिंग को लेकर उठ रहा है।
सीसीटीवी फुटेज, परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल के रिकॉर्ड एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। यही कारण है कि मामला और जटिल होता जा रहा है। ट्विशा की सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने मीडिया से कहा कि घटना की रात 10:10 बजे ट्विशा की मां का फोन आया था। इसके बाद परिवार ने रात 10:50 बजे तक एम्स पहुंचकर डॉक्टरों से संपर्क किया, जिन्होंने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, AIIMS की पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक अलग कहानी बयां करती है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा की बॉडी रात 12:05 बजे अस्पताल लाई गई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 12 मई की रात करीब 10:26 बजे ट्विशा घर की छत पर जिम्नास्टिक रिंग की रस्सी से लटकी मिली थीं। परिजनों का कहना है कि रात 9:41 बजे तक ट्विशा की अपनी मां से बातचीत हुई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि 9:41 बजे तक बात करने वाली ट्विशा की मौत कब हुई।
सीसीटीवी फुटेज में शाम 7:20 बजे ट्विशा को अकेले छत पर जाते हुए देखा गया है। इसके बाद रात 8:19 बजे तीन लोग उनकी बॉडी को नीचे लाते हुए नजर आते हैं। सवाल यह है कि अगर बॉडी 8:19 बजे नीचे लाई गई थी, तो अस्पताल पहुंचने और मौत की जानकारी के समय में इतना बड़ा अंतर कैसे है। फुटेज में दिख रहे तीन लोगों की पहचान और उनसे पूछताछ की गई या नहीं, इस बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। परिवार का आरोप है कि जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच आवश्यक
साइबर एक्सपर्ट चातक वाजपेयी का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों में समय का अंतर कॉन्फिग्रेशन की गड़बड़ी से हो सकता है, लेकिन छेड़छाड़ की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि डीवीआर और कैमरों की फॉरेंसिक जांच जरूरी है, तभी असली टाइमलाइन सामने आ सकेगी। इस बीच, आरोपी पति समर्थ सिंह अब भी फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और 10,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। परिवार ने पुलिस कमिश्नर से समर्थ सिंह की संपत्ति कुर्क करने की मांग की है।
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
ट्विशा के पिता का आरोप है कि 15 मई को केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने पासपोर्ट ऑफिस को देर से सूचना भेजी, जिससे आरोपी को भागने का मौका मिल गया। परिवार का कहना है कि मामले में मौजूद सभी डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ट्विशा के भाई और पिता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अब जो इस दुनिया में नहीं है, उस पर इस तरह से कीचड़ उछाला जा रहा है, यह गलत है।
पूरे मामले में अनसुलझे सवाल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ट्विशा की गर्दन पर मिले निशान उसी नायलॉन बेल्ट से मेल खाते हैं, जिसे मौके से जब्त किया गया था। वहीं, गिरिबाला सिंह के उस दावे पर भी विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने ट्विशा के खाते में 7 लाख रुपए भेजने की बात कही थी। परिजनों का कहना है कि यह रकम घरेलू खर्च नहीं, बल्कि समर्थ सिंह के निजी सामान और पेंटिंग सामग्री मंगाने के लिए भेजी जाती थी। फिलहाल, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सच अब भी सामने आना बाकी है। ट्विशा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है, लेकिन मौत की असली टाइमलाइन, CCTV फुटेज का रहस्य और घटना वाली रात की पूरी सच्चाई अब भी सवालों के घेरे में है.
