भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा
ट्विशा शर्मा की मौत का रहस्य
भोपाल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मृत्यु की जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी मौत का कारण 'गले में फंदा डालकर फांसी लगाना' था। ऑटोप्सी में उनके शरीर पर कई चोटों का भी उल्लेख किया गया है। AIIMS भोपाल के फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग द्वारा की गई जांच में बताया गया है कि 12 मई की रात लगभग 10:26 बजे ट्विशा अपने घर की छत पर जिमनास्टिक रिंग की रस्सी से लटकी हुई पाई गई थीं। उन्हें 13 मई की मध्यरात्रि के कुछ समय बाद मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष
रिपोर्ट में उनकी गर्दन के ऊपरी हिस्से पर एक तिरछा, दोहरी लाल रंग का फंदा पाया गया। त्वचा के नीचे की परत को सूखा और सख्त बताया गया है। गर्दन के पिछले हिस्से पर फंदे का निशान अधूरा था। रिपोर्ट में दम घुटने के कई लक्षणों का भी उल्लेख है, जैसे चेहरे पर खून का जमाव और नाखूनों का नीला पड़ना। इसके अलावा, शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटों के निशान भी मिले हैं।
पुलिस की जांच और सास के दावे
भोपाल पुलिस ने ट्विशा की सास द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जांच में ड्रग्स के सेवन का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह मामला आत्महत्या का है, हत्या का नहीं।
परिवार का बयान
ट्विशा के परिवार ने ससुराल वालों के आरोपों को मानसिक उत्पीड़न और दहेज के दबाव से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। ट्विशा की चचेरी बहन ने कहा कि वह एक पवित्र आत्मा थीं और ड्रग्स का सेवन नहीं करती थीं।
मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा, जो मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं, भोपाल में अपने पति और ससुराल वालों के साथ रह रही थीं। उनकी संदिग्ध मौत ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है और पुलिस की एसआईटी मामले की गहन जांच कर रही है।
