भोपाल एयरपोर्ट पर ड्रग्स के आरोप में गलत गिरफ्तारी, हाई कोर्ट ने दिया मुआवजा

भोपाल एयरपोर्ट पर एक यात्री को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जांच में यह साबित हुआ कि वह निर्दोष था। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में पीड़ित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला 2010 का है, जब यात्री को 57 दिन तक हिरासत में रखा गया था। कोर्ट ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हुई।
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भोपाल एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी का मामला

भोपाल एयरपोर्ट पर एक यात्री को ड्रग्स तस्करी के संदेह में गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में यह पता चला कि जो पदार्थ हेरोइन और MDEA समझा गया, वह वास्तव में अमचूर पाउडर और गरम मसाला था.


हाई कोर्ट का आदेश

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि पीड़ित अजय सिंह को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। यह मामला 7 मई 2010 का है, जब अजय को 2 जुलाई 2010 को रिहा किया गया था.


गिरफ्तारी का कारण

अजय सिंह जब दिल्ली जाने के लिए भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे, तब उनकी नियमित जांच के दौरान CISF स्टाफ ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके बैग से हेरोइन और MDEA जैसे नशीले पदार्थ मिलने का आरोप लगाया गया था, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि वे असल में अमचूर पाउडर और गरम मसाले के पैकेट थे.


हेरोइन और MDEA की जानकारी

हेरोइन एक खतरनाक नशीला पदार्थ है, जो अफीम से बनता है, जबकि MDEA एक सिंथेटिक ड्रग है, जो MDMA श्रेणी में आता है.


फॉरेंसिक जांच का परिणाम

जब्त किए गए पैकेट को पहले रीजनल फॉरेंसिक लेबोरेटरी में भेजा गया, लेकिन जांच में देरी हुई। अंततः सेंट्रल फॉरेंसिक लेबोरेटरी ने पुष्टि की कि पैकेट में कोई नशीला पदार्थ नहीं था, जिसके बाद अजय को 57 दिन बाद रिहा किया गया.


कोर्ट की टिप्पणी

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि अजय सिंह को बिना किसी दोष के 57 दिनों तक हिरासत में रहना पड़ा।