भोज सेवा संस्थान ने प्रशासन से नमाज़ के लिए नई व्यवस्था की मांग की

भोज सेवा संस्थान समिति ने धार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश के भोजशाला परिसर के बाहर नमाज़ आयोजित करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुसार, नमाज़ को परिसर के बाहर खुली जगह पर पढ़ने की अनुमति दी गई है। समिति ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए ताकि सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे। जानें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है और आगे की क्या योजना है।
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भोज सेवा संस्थान का ज्ञापन

भोज सेवा संस्थान समिति ने शुक्रवार को धार कलेक्टर को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि मध्य प्रदेश के भोजशाला परिसर के 300 मीटर के नियंत्रित क्षेत्र के बाहर शुक्रवार की नमाज़ आयोजित करने की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन सौंपने के बाद, भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुसार, भोजशाला परिसर के बाहर खुली जगह पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति है, जो वसंत पंचमी के लिए पहले की गई व्यवस्था से भिन्न है।


सुप्रीम कोर्ट का आदेश

शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नमाज़ भोजशाला परिसर के बाहर पढ़ी जानी चाहिए। इससे पहले, वसंत पंचमी के आदेश में कोर्ट ने निर्देश दिया था कि नमाज़ परिसर के अंदर किसी अन्य स्थान पर पढ़ी जाए। उस समय उन्होंने यह सवाल उठाया था कि कब्रिस्तान में नमाज़ कैसे पढ़ी जा सकती है। अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश कहता है कि नमाज़ भोजशाला परिसर के बाहर किसी खुली जगह पर पढ़ी जानी चाहिए, चाहे वह पास में हो या थोड़ी दूरी पर।


भोजशाला के आसपास का क्षेत्र

उन्होंने आगे कहा कि भोजशाला के आस-पास 100 मीटर का संरक्षित क्षेत्र और 300 मीटर का नियंत्रित क्षेत्र है। हम 300 मीटर के दायरे के बाहर कहीं भी नमाज़ अदा किए जाने का स्वागत करते हैं, लेकिन भोजशाला परिसर के भीतर नहीं, ताकि हिंदू पूजा-अर्चना में कोई बाधा न आए। भविष्य में नमाज़ और पूजा-अर्चना से शहर में शांति-व्यवस्था भंग न हो, इसे ध्यान में रखते हुए हमने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें अनुरोध किया गया है कि ऐसे इंतजाम किए जाएं ताकि दोबारा कोई विवाद न हो और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे।


सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

वकील श्रीश दुबे ने बताया कि 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का आदेश शुक्रवार को अपलोड किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मुस्लिम समुदाय के लिए शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज़ पढ़ने के लिए संरक्षित भोजशाला परिसर के पास या उससे कुछ दूरी पर खुली जगह की व्यवस्था करे।