भिवंडी में ढही इमारत: 10 लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

महाराष्ट्र के भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत के ढहने से 10 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय नगर निकाय ने इसे पहले ही 'खतरनाक' घोषित किया था। बचाव कार्य जारी है, जिसमें एनडीआरएफ और स्थानीय अग्निशामक दल शामिल हैं। मुख्यमंत्री और अन्य सरकारी अधिकारियों ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को सहायता देने की घोषणा की है। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और स्थानीय लोगों की सजगता के बारे में।
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भिवंडी में इमारत ढहने की घटना

महाराष्ट्र के भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत के ढहने से कम से कम 10 लोगों की जान चली गई और तीन अन्य घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि तीन लोग मलबे में फंसे हुए हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। यह घटना बृहस्पतिवार रात 11:20 बजे पावरलूम नगरी भिवंडी के बालाजी नगर क्षेत्र में स्थित कोहिनूर बिल्डिंग के एक हिस्से के गिरने से हुई।


खतरनाक घोषित इमारत में चल रहा था मरम्मत कार्य

स्थानीय नगर निकाय ने इस इमारत को पहले ही 'खतरनाक' घोषित कर दिया था और मरम्मत का कार्य चल रहा था। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे आपदा मोचन बल और स्थानीय अग्निशामक दल द्वारा संयुक्त रूप से बचाव कार्य किया जा रहा है। बचाव कार्य में श्वान दस्ता, चार दमकल वाहन, दो एंबुलेंस और भारी मशीनें शामिल हैं।


स्थानीय लोगों की सजगता

एक अधिकारी ने बताया कि इस इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिसमें हर मंजिल पर 12 कमरे थे। बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे, निवासियों ने इमारत में तेज दरारों की आवाज सुनी। स्थानीय लोगों ने तुरंत कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की, लेकिन जब कुछ निवासी बाहर निकल रहे थे, तभी इमारत की 'बी' विंग अचानक ढह गई।


नगर निकाय की कार्रवाई

भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका ने बताया कि इस इमारत को सितंबर 2020 में 'खतरनाक' घोषित किया गया था और इस साल पांच जून को इसे खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद, संपत्ति के मालिकों ने बिना अनुमति के मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। महानगरपालिका के आयुक्त ने इस गैर-कानूनी कार्य में शामिल ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।


सरकारी सहायता और संवेदनाएं

महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया।


बचाव कार्य में जुटे लोग

एक महिला ने अपने आंसुओं को रोकते हुए कहा कि वह मलबे में दबी हुई थी और उसके माता-पिता उसे पुकार रहे थे। उसने बताया कि वह कई घंटों तक कीचड़ में फंसी रही, तब जाकर बचाव दल ने उसे बाहर निकाला। एक अन्य महिला ने कहा कि उनके परिवार ने एक पड़ोसी के घर में शरण ली, जिससे उनकी जान बच गई।


भविष्य की सुरक्षा चिंताएं

भिवंडी के महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि शहर में कम से कम 130 से 140 ऐसी इमारतें हैं जिन्हें 'बेहद खतरनाक' घोषित किया गया है और जिन्हें तुरंत खाली कराया जाना आवश्यक है।