भिवंडी में इमारत ढहने से 10 लोगों की मौत, कई घायल
भिवंडी में इमारत का ढहना
महाराष्ट्र के भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत के ढहने से कम से कम 10 लोगों की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना बृहस्पतिवार रात 11:20 बजे हुई, जब कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया। यह इमारत 2020 में स्थानीय नगर निकाय द्वारा 'खतरनाक' घोषित की गई थी।
नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि इमारत में मरम्मत का कार्य चल रहा था। हादसे के बाद, विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर 19 घंटे तक बचाव अभियान चलाया, जिसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय अग्निशमन विभाग शामिल थे।
भिवंडी-निजामपुर सिटी नगर निगम के सहायक आयुक्त श्रीकांत परदेशी ने कहा कि इस घटना में 10 लोगों की मृत्यु हुई और तीन अन्य घायल हुए। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने उस ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है, जिसने बिना उचित अनुमति के मरम्मत कार्य किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
भोईवाड़ा पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक विक्रम मोहिते ने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि इमारत में कुल 48 कमरे थे और हर मंजिल पर 12 कमरे थे। बृहस्पतिवार रात को निवासियों ने इमारत में दरारों की आवाज सुनी।
स्थानीय लोगों ने तुरंत कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की, लेकिन जब कुछ निवासी बाहर निकल रहे थे, तभी इमारत की 'बी' विंग ढह गई। भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका ने सितंबर 2020 में इस इमारत को 'खतरनाक' घोषित किया था।
सरकारी सहायता और संवेदनाएं
महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
बचाव कार्य और पीड़ितों की कहानियां
एक महिला ने अपने आंसुओं को रोकते हुए कहा कि वह 'मौत के मुंह' से बच गई। उसने बताया कि वह मलबे में दबी हुई थी और उसके माता-पिता उसे पुकार रहे थे।
एक अन्य महिला ने कहा कि जब उनके हिस्से की इमारत में दरारें पड़ने लगीं, तो पड़ोसी ने उन्हें अपने घर में आने के लिए कहा, जिससे उनकी जान बच गई।
भविष्य की सुरक्षा चिंताएं
भिवंडी के महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि शहर में कम से कम 130 से 140 ऐसी इमारतें हैं, जिन्हें 'बेहद खतरनाक' घोषित किया गया है और जिन्हें तुरंत खाली कराया जाना आवश्यक है।
