भारतीय सेना की नई भैरव बटालियन: ड्रोन ऑपरेटरों की एक लाख की फौज तैयार

भारतीय सेना ने भैरव बटालियनों का गठन किया है, जिसमें एक लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं। ये बटालियन आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार की गई हैं। स्थानीय ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ, ये जवान युद्धक्षेत्र में प्रभावी प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षित हैं। भैरव बटालियनों का उद्देश्य तेज गति से आक्रामक अभियान चलाना और विशेष सैन्य कार्यों को अंजाम देना है। इस नई संरचना से भारतीय सेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह समय से आगे सोचने वाली शक्ति है।
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भारतीय सेना की नई भैरव बटालियन: ड्रोन ऑपरेटरों की एक लाख की फौज तैयार

भारतीय सेना की भैरव बटालियन का गठन

भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक लाख से अधिक ड्रोन संचालकों का एक सक्षम समूह तैयार किया है। भैरव नामक नई स्पेशल फोर्स को हर प्रकार की युद्ध स्थिति का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। हाल ही में, दक्षिणी कमान के अंतर्गत एक भैरव बटालियन का दौरा किया गया, जहां देखा गया कि पैदल सेना रेजिमेंटों से चुने गए जवानों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये जवान न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक और तकनीकी दृष्टि से भी नए युग के युद्ध के लिए तैयार किए जा रहे हैं.


भैरव बटालियनों का उद्देश्य और संरचना

सेना मुख्यालय ने वैश्विक संघर्षों से सबक लेते हुए भैरव बटालियनों की संरचना की है। इनका मुख्य उद्देश्य तेज गति से आक्रामक अभियान चलाना और विशेष सैन्य कार्यों को अंजाम देना है। अब तक लगभग पंद्रह भैरव बटालियन स्थापित की जा चुकी हैं, जिन्हें विभिन्न सीमाओं पर तैनात किया गया है। भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाकर पच्चीस करने की योजना है.


भैरव बटालियनों की विशेषताएँ

भैरव बटालियनें पैरा स्पेशल फोर्स और नियमित पैदल सेना के बीच की खाई को पाटेंगी। इन्हें सामरिक और परिचालन गहराई तक विशेष अभियानों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि आधुनिक युद्ध तेजी से बदल रहा है, जहां तकनीक, सूचना और गति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भैरव बटालियनें इसी नई सोच के अनुरूप तैयार की गई हैं.


स्थानीय ज्ञान का महत्व

कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि भैरव बटालियन को 'सन्स ऑफ द सॉयल' की अवधारणा पर स्थापित किया गया है। इसमें अधिकांश जवान राजस्थान से हैं, जो स्थानीय परिस्थितियों को भली-भांति समझते हैं। यह बटालियन राजपूताना शौर्य और बलिदान की परंपरा से प्रेरित है, जो इसकी सबसे बड़ी ताकत है.


भैरव बटालियनों का प्रशिक्षण

पिछले पांच महीनों में भैरव बटालियनों ने कठोर प्रशिक्षण लिया है। आधुनिक तकनीक के साथ इन्होंने अभ्यास के दौरान अपनी युद्धक क्षमता का सफल परीक्षण किया। इस अभ्यास में दक्षिणी सेना कमांडर की उपस्थिति में जवानों ने अपनी तत्परता और मारक क्षमता का प्रदर्शन किया.


भैरव बटालियनों की भूमिका

भैरव बल तेजी से विकसित हो रहा है और भारतीय सेना के लिए एक सक्षम और निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रहा है। भैरव बटालियन सेना दिवस परेड में भी हिस्सा लेगी, जिसमें दूसरी भैरव इकाई 'डेजर्ट फाल्कन्स' शामिल होगी.


भारतीय सेना का पुनर्गठन

भारतीय सेना ने परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक पुनर्गठन किया है। इसके तहत रुद्र ब्रिगेड का गठन किया गया है, जो विभिन्न सैन्य इकाइयों को एकीकृत करती है, ताकि युद्धक्षेत्र में अधिक प्रभावी प्रदर्शन किया जा सके.


भैरव बटालियनों का संदेश

भैरव बटालियनों के गठन से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना समय से आगे सोचने वाली शक्ति है। जब सीमाओं पर तनाव एक स्थायी वास्तविकता है, तब भैरव जैसी इकाइयां एक स्पष्ट संदेश देती हैं कि भारत न केवल जवाब देने में सक्षम है, बल्कि पहल करने की ताकत भी रखता है.


स्थानीय ज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा

भारतीय सेना ने यह भी दिखाया है कि स्थानीय ज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा का गहरा रिश्ता है। मरुस्थल को समझने वाला जवान वहां अधिक प्रभावी होगा, जो भारतीय सैन्य नेतृत्व की परिपक्वता को दर्शाता है.