भारतीय रेलवे ने ट्रेन में आग लगने की घटनाओं को तोड़फोड़ की साजिश बताया
ट्रेन में आग लगने की घटनाओं की जांच
भारतीय रेलवे ने बुधवार को यह जानकारी दी कि हाल ही में देशभर में हुई ट्रेन में आग लगने की घटनाएं संभवतः तोड़फोड़ का परिणाम हैं। रेलवे के अनुसार, प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि असामाजिक तत्व इन घटनाओं में शामिल हो सकते हैं। यह बयान विभिन्न स्थानों पर हुई आग लगने की घटनाओं के संदर्भ में आया है, जिनमें अमरपुरा, कोटा, सासाराम और हावड़ा शामिल हैं.
हावड़ा में मिथिला एक्सप्रेस में आग की घटना
रेलवे मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि हावड़ा रेलवे स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने की घटना की जांच के दौरान एक कोच के अंदर से पेट्रोल से भरा आधा जला हुआ कपड़ा मिला है। मंत्रालय ने कहा कि जब मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने की सूचना मिली, तो जांच के दौरान यह कपड़ा बरामद किया गया। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
यात्रियों की सुरक्षा को खतरा
मंत्रालय ने कहा कि हाल की घटनाओं के प्रारंभिक निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि रेलवे नेटवर्क में दहशत फैलाने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि कुछ असामाजिक तत्व यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और रेलवे प्रणाली में अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य संबंधित एजेंसियां इन मामलों की गहन जांच कर रही हैं।
आग लगाने की साजिश का हिस्सा
रेलवे के अनुसार, 17 मई को तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना भी इसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि आग की पहली लपटें कोच के शौचालय क्षेत्र से निकलती देखी गईं। यह घटना मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में हुई, जहां आग ट्रेन के आगे के हिस्से में स्थित कोच बी1 में लगी थी। एक अन्य घटना में, 19 मई को हावड़ा रेलवे स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने के बाद उसके शौचालय से पेट्रोल से भरा कपड़ा बरामद किया गया। अमरपुरा में, राजस्थान के अमरपुरा स्टेशन के पास बिस्तर की सामग्री में आग लगाई गई थी, जबकि सासाराम में एक अज्ञात व्यक्ति ने एक खाली कोच में जलती हुई वस्तु फेंकी थी।
