भारतीय रेलवे ने खान-पान की गुणवत्ता में सुधार के लिए उठाया बड़ा कदम

भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद-मुंबई तेजस राजधानी एक्सप्रेस में एक यात्री की शिकायत के बाद खान-पान की गुणवत्ता में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए हैं। IRCTC ने संबंधित कैटरिंग फर्म पर जुर्माना लगाया और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और रेलवे की नीति के बारे में।
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भारतीय रेलवे ने खान-पान की गुणवत्ता में सुधार के लिए उठाया बड़ा कदम gyanhigyan

खान-पान की गुणवत्ता पर सख्त कार्रवाई

भारतीय रेलवे ने यात्रियों के खान-पान की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में, अहमदाबाद-मुंबई तेजस राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने अपनी वेज बिरयानी में मक्खी मिलने की शिकायत की। इस पर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कैटरिंग कंपनी 'आराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही, कंपनी को 'कारण बताओ नोटिस' भी जारी किया गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्यों न उसका लाइसेंस रद्द किया जाए।


शिकायतकर्ता यात्री ने बताया कि वह मंगलवार को तेजस राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहा था। IRCTC के अधिकारियों ने कहा कि यात्री ने ट्रेन में कॉम्बो लंच का विकल्प चुना था। जब उसने बिरयानी में मक्खी होने की शिकायत की, तो ट्रेन के कैप्टन और कैटरिंग प्रबंधन ने तुरंत इस पर ध्यान दिया। यात्री ने खाने की गुणवत्ता को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया।


अधिकारियों ने बताया कि संबंधित स्टाफ ने यात्री से हुई असुविधा के लिए माफी मांगी और उसे दूसरी बिरयानी देने की पेशकश की, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुआ।


IRCTC की सख्त कार्रवाई


भारतीय रेलवे ने खान-पान की स्वच्छता को लेकर अपनी नीति के तहत इस मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के अनुसार, 'आराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


इस कार्रवाई के माध्यम से भारतीय रेलवे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यात्रियों के स्वास्थ्य और सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।