भारतीय रेलवे ने आगजनी की घटनाओं को तोड़फोड़ का परिणाम बताया

भारतीय रेलवे ने हाल की आगजनी की घटनाओं को तोड़फोड़ का परिणाम बताते हुए असामाजिक तत्वों की संलिप्तता की जांच शुरू की है। हावड़ा में मिथिला एक्सप्रेस के डिब्बे में आग लगने की घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। अमरपुरा, कोटा, सासाराम और हावड़ा में हुई आग की घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। रतलाम में भी एक डिब्बे में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें कोई घायल नहीं हुआ।
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रेलवे की आगजनी की घटनाओं की जांच

भारतीय रेलवे ने बुधवार को जानकारी दी कि हाल ही में हुई ट्रेन में आग लगने की घटनाएं असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ का परिणाम हैं। रेलवे मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हावड़ा में खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगने की सूचना मिलने पर तुरंत जांच की गई, जिसमें आधा जला हुआ कपड़ा पाया गया जो पेट्रोल से भीगा हुआ था। रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता से स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।


असामाजिक तत्वों की संलिप्तता

रेलवे ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कुछ असामाजिक तत्व यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और रेलवे प्रणाली में भय फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य संबंधित एजेंसियां इन मामलों की गहन जांच कर रही हैं। रेलवे ने अमरपुरा, कोटा, सासाराम और हावड़ा में हुई चार आग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इन घटनाओं को गंभीरता से ले रहे हैं।


अलग-अलग घटनाओं का विवरण

अमरपुरा में बिस्तर की चादरों में आग लगाई गई, जबकि हावड़ा में एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल से भीगा हुआ कपड़ा बरामद किया गया। कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के वॉशरूम से आग की लपटें निकलती देखी गईं। सासाराम में एक अज्ञात व्यक्ति ने खाली डिब्बे में जलती हुई वस्तु फेंकी। रेलवे ने यात्रियों से सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर देने का अनुरोध किया है।


रतलाम में आगजनी की घटना

दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के एक वातानुकूलित डिब्बे में भीषण आग लगने के कुछ दिन बाद रेलवे ने यह बयान जारी किया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। बी-1 कोच में आग सुबह लगभग 5:15 बजे लगी, जिसमें 68 यात्री सवार थे। यह घटना विक्रमगढ़ आलोट और लूणी रिच्छा स्टेशनों के बीच हुई।