भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत, वैश्विक बाजारों में सुधार

सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला, जिसका कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी है। विदेशी निवेशकों के निरंतर निवेश और आरबीआई के हस्तक्षेप ने रुपये को और मजबूती प्रदान की है। भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी ने भी निवेशकों का रुख सकारात्मक बनाया है। जानें इस विषय में और क्या कुछ है खास।
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रुपये की मजबूती का कारण

सोमवार की सुबह भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। यह मजबूती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण आई। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के निरंतर निवेश और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने रुपये को और अधिक समर्थन दिया।


भू-राजनीतिक तनाव में कमी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई में देरी ने भू-राजनीतिक चिंताओं को कम किया, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आई। इस स्थिति ने निवेशकों को जोखिम भरी संपत्तियों की ओर आकर्षित किया, जिसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा।


आरबीआई की भूमिका

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुद्रा बाजार में सक्रिय हस्तक्षेप किया, जिससे रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने में मदद मिली। केंद्रीय बैंक की यह पहल रुपये की मजबूती में सहायक साबित हुई।