भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया, जबकि विपक्षी दलों ने मंत्रालयों के कार्यों पर चर्चा की मांग की। गोयल ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 38 देशों के साथ व्यापारिक समझौते हुए हैं, जिससे निर्यातकों को नए अवसर मिले हैं। उन्होंने मार्च के अंत तक निर्यात स्तर को बनाए रखने की उम्मीद जताई। विपक्ष ने वैश्विक स्थिति को देखते हुए मंत्रालयों के कार्यों पर चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया है।
| Mar 17, 2026, 14:43 IST
भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए गोयल ने बताया कि भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए वैश्विक स्तर पर उत्साह बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में 38 देशों के साथ व्यापारिक समझौते किए गए हैं, जिससे निर्यातकों को नए अवसर प्राप्त हुए हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि जब ये सभी मुक्त व्यापार समझौते लागू होंगे, तो भारतीय निर्यातकों के लिए कई नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने बताया कि भारत का माल निर्यात पिछले महीने फरवरी तक स्थिर रहा, और इसमें कोई गिरावट नहीं आई। गोयल ने कहा कि मार्च के पहले सप्ताह में निर्यात में थोड़ी कमी आई, लेकिन दूसरे सप्ताह में इसमें सुधार देखने को मिला। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मार्च के अंत तक भारत अपने निर्यात स्तर को बनाए रखने में सफल रहेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत के लिए एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।
राज्यसभा में प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए सदन में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय या विदेश मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा कराई जाए। इन नेताओं का कहना है कि पिछले 16 वर्षों में इन मंत्रालयों के कार्यों पर चर्चा नहीं हुई है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ‘वर्तमान वैश्विक स्थिति, ऊर्जा संकट और भारत के लिए आगे की चुनौतियों’ को ध्यान में रखते हुए यह चर्चा आवश्यक है। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकपा, भाकपा, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राजद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप), शिवसेना (उबाठा), नेशनल कांफ्रेंस, आईयूएमएल के नेताओं और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
पत्र में कहा गया है कि हस्ताक्षरकर्ता उच्च सदन के लगभग 100 सदस्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। विपक्षी सांसद बजट सत्र के पहले भाग से ही विदेश मंत्रालय या वाणिज्य मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। अब तक उच्च सदन ने बजट सत्र में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के कार्यों पर चर्चा की है, और तीन और मंत्रालयों के कार्यों पर चर्चा होनी है। पत्र में यह भी कहा गया है कि 29 मंत्रालय ऐसे हैं जिन पर 2010 के बाद से चर्चा नहीं की गई है।
