भारत से ईरान के आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने की इजरायल की मांग

इजरायल ने भारत से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है। इस मांग के पीछे क्षेत्रीय तनाव और आईआरजीसी की बढ़ती गतिविधियों की चिंता है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि कई देशों ने पहले ही इस दिशा में कदम उठाए हैं। भारत के साथ इजरायल के रणनीतिक संबंधों के बीच, यह मुद्दा वैश्विक सुरक्षा पर भी प्रभाव डाल सकता है। जानें इस मुद्दे की गहराई और इसके संभावित परिणाम।
 | 
भारत से ईरान के आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने की इजरायल की मांग gyanhigyan

इजरायल की भारत से अपील

क्षेत्रीय तनाव और ईरान के साथ संवेदनशील संघर्ष विराम के बीच, यरुशलम में उच्च पदस्थ इजरायली अधिकारियों ने भारत से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता देने और उस पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है। इजरायल के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में, इजरायली प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली के समक्ष आईआरजीसी की बढ़ती क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है, जिसमें पश्चिम एशिया से परे संभावित खतरों का भी उल्लेख किया गया है।


इजरायली अधिकारियों ने बताया कि कई देशों ने पहले ही आईआरजीसी के खिलाफ कदम उठाए हैं और उन्हें उम्मीद है कि भारत भी इसी दिशा में विचार करेगा। उनके अनुसार, इजरायल ने विभिन्न राजनयिक स्तरों पर भारतीय समकक्षों के साथ ईरानी सैन्य संगठन की गतिविधियों और प्रभाव के बारे में अपने विचार साझा किए हैं।


आईआरजीसी के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता

एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने बातचीत के दौरान कहा कि भारत से उनकी अपेक्षाओं में से एक आईआरजीसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई है। कई देशों ने पहले ही इस दिशा में कदम उठाए हैं। इजरायली अधिकारियों ने ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों द्वारा हाल ही में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिनमें आईआरजीसी से संबंधित प्रतिबंध और पाबंदियां शामिल हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि इस संगठन के प्रति चिंताएं अब केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि यह एक व्यापक वैश्विक सुरक्षा चर्चा का हिस्सा बन गई हैं। यह मुद्दा तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब भारत इजरायल और ईरान दोनों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखता है। हाल ही में, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत का दौरा किया और नई दिल्ली और तेहरान के बीच संबंधों को मजबूत और दीर्घकालिक बताया।


आईआरजीसी की भूमिका और भारत की स्थिति

इजरायली अधिकारियों ने ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष में आईआरजीसी की भूमिका पर प्रकाश डाला। अप्रैल से एक नाजुक युद्धविराम लागू है, जो कई हफ्तों तक चले सैन्य तनाव के बाद कायम है, जिसने वैश्विक बाजारों और क्षेत्र के ऊर्जा मार्गों को प्रभावित किया है।


अधिकारियों ने यह भी कहा कि 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद इज़राइल ने भारत के समक्ष हमास के संबंध में चिंताएं व्यक्त की हैं। भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है, लेकिन नई दिल्ली ने अभी तक हमास या आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित नहीं किया है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि आईआरजीसी को कमजोर करना ईरान से जुड़े इज़राइल के सैन्य अभियानों और राजनयिक प्रयासों का एक प्रमुख उद्देश्य है।