भारत सरकार ने मेटा को सख्त नोटिस जारी किया, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों पर कार्रवाई
भारत सरकार ने मेटा को एक सख्त नोटिस जारी किया है, जिसमें इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों को हटाने का आदेश दिया गया है। सरकार ने कंपनी से 7 दिनों के भीतर इस मामले पर जानकारी मांगी है। यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए उठाया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सरकार के निर्देशों के बारे में।
| Jul 5, 2026, 13:19 IST
सख्त कार्रवाई का आदेश
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा, जो इंस्टाग्राम की मूल कंपनी है, को एक गंभीर नोटिस भेजा है। यह नोटिस इंस्टाग्राम पर चल रहे पेड विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री (CSEAM) के खिलाफ जारी किया गया है।
विज्ञापनों को हटाने का आदेश
सरकार ने इंस्टाग्राम को निर्देश दिया है कि वह तुरंत उन सभी विज्ञापनों और सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दे जो इस प्रकार की आपत्तिजनक चीजों को बढ़ावा देते हैं। इसके साथ ही, कंपनी से 7 दिनों के भीतर इस मामले पर विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है।
मामले की गंभीरता
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, इंस्टाग्राम पर कुछ विज्ञापन ऐसे थे जो यूजर्स को क्लिक करने पर बाहरी प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों पर ले जाते थे। इन प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित बेहद आपत्तिजनक और अवैध सामग्री मौजूद थी। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, क्योंकि आरोप है कि इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम के माध्यम से ऐसे खतरनाक कंटेंट को बढ़ावा दिया जा रहा था।
कड़े कदम उठाने की आवश्यकता
तुरंत कदम उठाने के निर्देश
सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह बच्चों के शोषण से संबंधित इस अवैध सामग्री के प्रचार को रोकने के लिए त्वरित और कड़े कदम उठाए। वर्तमान में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के फैलने के मामले बढ़ रहे हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
