भारत सरकार ने कफ सिरप की बिक्री पर नए नियम लागू करने का प्रस्ताव किया
कफ सिरप की बिक्री पर नए नियम
भारत सरकार ने जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कफ सिरप की बिक्री पर सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियम-1945 में संशोधन का एक मसौदा प्रस्तुत किया है, जिसमें अनुसूची 'के' से 'सिरप' शब्द को हटाने का प्रस्ताव शामिल है। यह कदम औषधि नियमों को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि जनहित की रक्षा की जा सके। जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।
नियमों का विवरण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन नए नियमों को औषधि (संशोधन) नियम, 2025 के नाम से जाना जाएगा। ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगे। औषधि नियम, 1945 में, अनुसूची 'के' के अंतर्गत, प्रविष्टि संख्या 7 से 'सिरप' शब्द को हटा दिया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कुछ नियमों में संशोधन के लिए मसौदा अधिसूचना जारी की है और जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
सरकार की प्रक्रिया
दवा एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 12 और धारा 33 के तहत, केंद्र सरकार ने औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड से परामर्श के बाद, औषधि नियम, 1945 में संशोधन के लिए प्रस्तावित नियमों का मसौदा प्रकाशित किया है। यह सूचित किया गया है कि उक्त मसौदा नियमों पर विचार भारत के राजपत्र की प्रतियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने की तिथि से तीस दिनों की अवधि के बाद किया जाएगा।
आपत्तियों और सुझावों पर विचार
उपरोक्त निर्दिष्ट अवधि के भीतर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा। हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्टूबर 2025 में तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़े कई बच्चों की मौत और गंभीर दुष्प्रभावों के बाद एक चेतावनी जारी की थी।
