भारत सरकार ने इजरायल-ईरान संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए कदम

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इजरायल-ईरान संघर्ष में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का खुलासा किया। ओडिशा के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने भी निकासी प्रक्रिया की पुष्टि की है, जिसमें कोई भी नागरिक पीछे नहीं छूटेगा। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ ने प्रधानमंत्री से कश्मीरी छात्रों की निकासी के लिए अपील की है। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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भारत सरकार ने इजरायल-ईरान संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए कदम

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की पहल

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ऐसी आपात स्थितियों में बचाव कार्य के लिए तत्पर है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की सरकारों ने इतनी व्यापक सहायता नहीं दी थी, जो अब विदेश मंत्रालय विभिन्न देशों में अपने दूतावासों के माध्यम से प्रदान कर रहा है।


ओडिशा के मंत्री का बयान

इस बीच, ओडिशा के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्र से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी व्यक्ति पीछे नहीं छूटेगा। हरिचंदन ने कहा कि सरकार ने निकासी की पूरी योजना बना ली है और यह प्रक्रिया समय पर चल रही है।


छात्रों की निकासी के लिए अपील

जम्मू और कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले के बाद प्रभावित ईरानी क्षेत्रों से लगभग 1200 कश्मीरी छात्रों को निकालने का अनुरोध किया। उन्होंने भारतीय सरकार से अपील की कि वह राजनयिक माध्यमों का उपयोग कर अपने समकक्षों के साथ इस मुद्दे को उठाए।