भारत-श्रीलंका संबंधों में नई ऊंचाई: विदेश सचिव की महत्वपूर्ण यात्रा
भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ते संबंध
हिंद महासागर क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच, भारत ने श्रीलंका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी की कोलंबो यात्रा इस व्यापक क्षेत्रीय रणनीति का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आर्थिक सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और सामरिक प्रभाव को एक साथ बढ़ाना है। खास बात यह है कि चीन और भूटान की महत्वपूर्ण यात्राओं के तुरंत बाद मिसरी का श्रीलंका पहुंचना इस कूटनीतिक प्रयास को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है.
महत्वपूर्ण बैठकें और समझौते
कोलंबो में, मिसरी ने राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरासूर्या, विदेश मंत्री विजिता हेराथ, और अन्य प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इन चर्चाओं में दोनों देशों ने दिसंबर 2024 के संयुक्त बयान और अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान हुए समझौतों को तेजी से लागू करने पर सहमति व्यक्त की।
आर्थिक सहयोग और विकास
आर्थिक मोर्चे पर, भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तेज करने और द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया। यदि यह समझौता लागू होता है, तो दोनों देशों के निवेश और पेशेवरों की आवाजाही को नई गति मिलेगी। यह केवल व्यापारिक विस्तार नहीं, बल्कि श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में भारत की दीर्घकालिक उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
वित्तीय प्रतिबद्धता और विकास परियोजनाएं
भारत ने श्रीलंका के पुनर्निर्माण और विकास के लिए अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। चक्रवात डिटवाह के बाद घोषित 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज के तहत, 350 मिलियन डॉलर की दो नई लाइन ऑफ क्रेडिट पर समझौते हुए हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी भारत कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगा.
ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी
ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी भी इस यात्रा के महत्वपूर्ण पहलू रहे। दोनों देशों ने बिजली ग्रिड इंटरकनेक्शन और त्रिंकोमाली को क्षेत्रीय ऊर्जा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रगति की समीक्षा की। श्रीलंका ने यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी परियोजना को तेज करने पर भी सहमति जताई.
तमिल समुदाय और प्रांतीय परिषद चुनाव
इस यात्रा का एक संवेदनशील पहलू तमिल समुदाय और प्रांतीय परिषद चुनाव का मुद्दा रहा। विदेश सचिव मिसरी ने श्रीलंका से प्रांतीय परिषद चुनाव शीघ्र कराने का आग्रह किया। भारत ने भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी के मामले को मानवीय दृष्टिकोण से हल करने की मांग की.
सामरिक दृष्टिकोण
सामरिक दृष्टि से, यह कूटनीतिक प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है। चीन, भूटान और श्रीलंका की लगातार यात्राएं दर्शाती हैं कि भारत अपने पड़ोस में संतुलन स्थापित करने की बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रहा है. नई दिल्ली हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए आर्थिक और विकासात्मक साझेदारी को प्राथमिकता दे रही है.
निष्कर्ष
विक्रम मिसरी की श्रीलंका यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा नहीं, बल्कि भारत की 'Neighbourhood First' और 'Vision MAHASAGAR' नीति को लागू करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह यात्रा दर्शाती है कि नई दिल्ली अब अपने पड़ोस में मित्रता के साथ-साथ आर्थिक एकीकरण और सामरिक साझेदारी को भी प्राथमिकता दे रही है.
