भारत रणभूमि दर्शन अभियान का समापन: सैन्य परंपरा का सम्मान
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नई दिल्ली में ‘भारत रणभूमि दर्शन (D2D) अभियान’ का समापन किया, जिसमें वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। यह अभियान 3 तारीख को गुजरात से शुरू होकर 22 दिनों में 3,400 किलोमीटर की यात्रा पूरी की। इसमें युवाओं और आम नागरिकों के बीच भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। समापन समारोह में सैन्य परंपराओं और बलिदान की भावना को पुनर्स्मरण करते हुए भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।
| Feb 25, 2026, 18:37 IST
समापन समारोह में सैन्य परंपरा का सम्मान
थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आज नई दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल पर ‘भारत रणभूमि दर्शन (D2D) अभियान’ के समापन समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जवान और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। यह अभियान 3 तारीख को गुजरात के द्वारका से शुरू होकर 22 दिनों में लगभग 3,400 किलोमीटर की यात्रा पूरी की। भारतीय सेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल ने इस अभियान का संयुक्त नेतृत्व किया। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि देना और भारत की सैन्य विरासत को आम जनता तक पहुंचाना था।
यात्रा के दौरान, दल ने गुजरात और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया, जो देश की सुरक्षा और अखंडता से जुड़े प्रमुख युद्धों के साक्षी रहे हैं। हर पड़ाव पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके साहस और बलिदान को याद किया गया।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों में भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। यात्रा के दौरान विभिन्न जनसंवाद कार्यक्रम, प्रदर्शनी, प्रेरक व्याख्यान और स्मृति समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और छात्रों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल की भूमिका और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई।
नई दिल्ली में समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह अभियान केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि उन वीरों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम में देश की सैन्य परंपराओं और बलिदान की भावना को पुनर्स्मरण करते हुए भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने का संकल्प लिया गया। कुल मिलाकर, ‘भारत रणभूमि दर्शन (D2D) अभियान’ ने न केवल पश्चिमी भारत के ऐतिहासिक रणक्षेत्रों को जोड़ा, बल्कि राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव की भावना को भी मजबूत किया।
