भारत-यूके आर्थिक समझौते का शुभारंभ: नए अवसरों की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के लागू होने का स्वागत किया। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और व्यवसायों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं के लिए नए अवसर उत्पन्न करेगा। मोदी ने इसे एक महत्वपूर्ण क्षण बताया, जो साझा समृद्धि की दिशा में एक कदम है। समझौते के तहत, भारत के 99% टैरिफ लाइनों पर यूके में बिना ड्यूटी व्यापार की सुविधा मिलेगी, जिससे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लाभ होगा।
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भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के लागू होने का स्वागत किया। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण क्षण बताया, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा और व्यवसायों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं के लिए नए अवसर उत्पन्न करेगा। लगभग तीन वर्षों की बातचीत के बाद, यह महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आधिकारिक रूप से लागू किया गया।




प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि यह भारत-यूके साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने बताया कि CETA और सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट के लागू होने से आर्थिक संबंध और भी गहरे होंगे। ये समझौते हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं को ठोस अवसरों में बदलने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि CETA से किसानों, उद्यमियों और MSME को नई ऊर्जा मिलेगी। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को यूके के बाजार में बेहतर पहुंच प्राप्त होगी, जिससे टेक्नोलॉजी, पेशेवर सेवाओं और नवाचार में सहयोग बढ़ेगा।




उन्होंने यह भी कहा कि सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट से यूके में कुछ समय के लिए काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को सहायता मिलेगी और भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता में वृद्धि होगी। यह क्षण हमारे लोकतंत्रों के बीच विश्वास और व्यापार, टेक्नोलॉजी, निवेश और नवाचार पर आधारित साझेदारी के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत और यूके मिलकर साझा समृद्धि के लिए कार्य करते रहेंगे।




आज लागू हुए समझौते के तहत, भारत के 99% टैरिफ लाइनों पर यूके में बिना किसी ड्यूटी के व्यापार की सुविधा मिलेगी। इससे टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, समुद्री उत्पादों, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा। यह ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन के सबसे महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों में से एक है, जो यूके के व्यवसायों को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार में अधिक पहुंच प्रदान करेगा।