भारत में होटल बुकिंग का नया ट्रेंड: शॉर्टस्टे की बढ़ती लोकप्रियता

भारत में होटल बुकिंग का पारंपरिक तरीका तेजी से बदल रहा है, जहां अब यात्रियों को कुछ घंटों के लिए कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 'शॉर्टस्टे' या 'ऑवरली स्टे' के इस नए ट्रेंड के पीछे तकनीकी प्रगति और यात्रियों की बदलती आवश्यकताएं हैं। Bag2Bag जैसे प्लेटफॉर्म ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जानें कैसे यह नया मॉडल होटल मालिकों और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
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होटल बुकिंग का नया युग

भारत में होटल बुकिंग का पारंपरिक तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले यात्रियों को कुछ घंटों के लिए भी पूरे दिन का किराया चुकाना पड़ता था, लेकिन अब कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आवश्यकतानुसार कुछ घंटों के लिए कमरे उपलब्ध करा रहे हैं। इसे 'शॉर्टस्टे' या 'ऑवरली स्टे' कहा जाता है। इस बदलाव के पीछे यात्रियों की बदलती आवश्यकताएं और तकनीकी बुकिंग प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज देश के 50 से अधिक शहरों में हजारों होटल इस सुविधा की पेशकश कर रहे हैं।


Bag2Bag का उदय

शॉर्टस्टे प्लेटफॉर्म Bag2Bag की शुरुआत एक वास्तविक यात्रा अनुभव से हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के संस्थापक को एक यात्रा के दौरान केवल छह घंटे के लिए होटल कमरा चाहिए था, लेकिन होटल ने पूरे दिन का किराया मांगा और अंततः कमरा देने से इनकार कर दिया। इसी अनुभव ने उन्हें भारत में अधिक लचीले होटल बुकिंग मॉडल की आवश्यकता का एहसास कराया। 2019 में स्थापित कंपनी अब 10,000 से अधिक प्रॉपर्टीज के साथ काम कर रही है, जिनमें से 6,000 से ज्यादा स्थानों पर ऑवरली स्टे की सुविधा उपलब्ध है।


बाजार में तेजी

Bag2Bag के अलावा Brevistay, MiStay, Hourly Rooms और Qwiksta जैसे प्लेटफॉर्म भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। बड़ी ट्रैवल कंपनियां भी अब ऑवरली बुकिंग विकल्प देने लगी हैं। Brevistay की शुरुआत भी यात्रियों की इसी समस्या से हुई थी। प्रारंभिक वर्षों में होटल मालिकों को इस मॉडल के लिए तैयार करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसके व्यावसायिक लाभ समझ में आने लगे।


उपयोग का विस्तार

शुरुआत में शॉर्टस्टे को मुख्य रूप से कपल्स की जरूरत से जोड़ा जाता था, लेकिन अब इसका उपयोग बिजनेस ट्रैवलर्स, फ्लाइट या ट्रेन के बीच इंतजार कर रहे यात्रियों, इंटरव्यू देने वाले उम्मीदवारों, परीक्षा देने जा रहे छात्रों, मीटिंग में शामिल होने वाले प्रोफेशनल्स और परिवारों द्वारा भी किया जा रहा है।


होटल मालिकों के लिए लाभ

शॉर्टस्टे मॉडल ने होटलों के लिए कमाई का नया रास्ता खोला है। आमतौर पर सुबह चेकआउट और शाम को नए चेकइन के बीच कई घंटे कमरे खाली रहते हैं। ऑवरली बुकिंग की मदद से होटल इस खाली समय का भी उपयोग कर पा रहे हैं।


तकनीक का योगदान

शुरुआत में होटल मालिकों को बार-बार चेकइन और चेकआउट की प्रक्रिया जटिल लगती थी, लेकिन अब होटल मैनेजमेंट सिस्टम और चैनल मैनेजर स्लॉट आधारित बुकिंग को सपोर्ट करने लगे हैं।


हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मजबूती

शॉर्टस्टे का बढ़ता ट्रेंड ऐसे समय सामने आया है जब भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर खुद मजबूत ग्रोथ के दौर से गुजर रहा है। रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में भारतीय होटल उद्योग की आय 68 फीसदी तक बढ़ सकती है।


चुनौतियां

हालांकि इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। सामाजिक झिझक, सुरक्षा को लेकर चिंताएं, ब्रांड इमेज को लेकर कुछ होटलों की आशंकाएं और यात्रियों में जागरूकता की कमी इस उद्योग के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं।


भविष्य की संभावनाएं

एक्सपर्ट्स का मानना है कि घरेलू पर्यटन में तेजी, बिजनेस और लीजर ट्रैवल के बढ़ते मिश्रण, युवा यात्रियों की बदलती सोच और डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच के चलते शॉर्टस्टे बाजार आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ सकता है।