भारत में साइबर अपराध से निपटने के लिए नए CEO और अतिरिक्त CEO पदों की भर्ती
गृह मंत्रालय ने साइबर अपराध से निपटने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) में नए CEO और अतिरिक्त CEO पदों की भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इन पदों के लिए नियम बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के तहत नियुक्तियां की जाएंगी। संबंधित पक्षों से 14 अगस्त तक सुझाव मांगे गए हैं। जानें इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी और इसके महत्व को।
| Jul 15, 2026, 16:23 IST
साइबर अपराध से निपटने के लिए नई पहल
गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत में साइबर अपराध से निपटने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और अतिरिक्त CEO के पदों के लिए भर्ती नियम बनाने का प्रस्ताव रखा है। मंत्रालय का उद्देश्य सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (SAG) में पे मैट्रिक्स लेवल-15 (एडिशनल सेक्रेटरी रैंक) पर एक CEO और लेवल-14 (केंद्र सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी के समकक्ष) पर तीन अतिरिक्त CEO पदों के लिए नियम बनाना है। प्रस्तावित नियमों पर 14 अगस्त तक संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा। ये पद I4C के अंतर्गत कार्य करेंगे, जो MHA के साइबर और सूचना सुरक्षा डिवीजन के अधीन आता है। नियुक्तियां नॉन-सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम पैटर्न के तहत डेपुटेशन के आधार पर की जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया का विवरण
इन पदों के लिए चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी से किया जाएगा। 14 जुलाई को MHA ने सभी संबंधित पक्षों को एक आधिकारिक मेमोरेंडम भेजा, जिसमें सुझाव मांगे गए। मेमोरेंडम में कहा गया है कि गृह मंत्रालय का साइबर और सूचना सुरक्षा (CIS) डिवीजन 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) में CEO और अतिरिक्त CEO के पदों के लिए भर्ती नियम बनाने का इरादा है। ये पद UPSC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं और इन्हें 'नॉन-सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम' के तहत भरा जाएगा। इसके लिए कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी और गृह मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि
सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध किया गया है कि यदि उनके पास प्रस्तावित भर्ती नियमों पर कोई राय हो, तो वे इसे 14 अगस्त, 2026 तक अंडर सेक्रेटरी (साइबर क्राइम), साइबर और सूचना सुरक्षा डिवीजन, गृह मंत्रालय को भेज दें। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद ही CEO और अतिरिक्त CEO के पदों के लिए भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
