भारत में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण: चुनाव आयोग की नई घोषणा

भारत निर्वाचन आयोग ने 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया की घोषणा की है। इस प्रक्रिया के तहत, बूथ स्तरीय अधिकारी और राजनीतिक दलों के एजेंट मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में इस प्रक्रिया का कार्यक्रम जनगणना के दूसरे चरण के बाद घोषित किया जाएगा। जानें इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में और क्या-क्या शामिल है।
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मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तीसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में लागू होगी। इस चरण के दौरान, 3.94 लाख बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। इसके साथ ही, राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।


इस पुनरीक्षण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड जैसे 16 राज्यों का समावेश होगा। केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, चंडीगढ़ और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि जनगणना की चल रही गृह सूचीकरण प्रक्रिया के साथ समन्वय में एसआईआर चरण-III का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।


चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में एसआईआर अभ्यास का कार्यक्रम जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद अलग से घोषित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में परिचालन संबंधी बाधाओं और कठिन भूभाग की स्थितियों के कारण कार्यक्रम का शुभारंभ स्थगित कर दिया गया है।


इस कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया मई से सितंबर 2026 के बीच होगी। इसमें घर-घर जाकर सत्यापन, मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित करना, दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया और अंतिम मतदाता सूची जारी करना शामिल है। सबसे पहले, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से 28 जून तक घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा और इन राज्यों की अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। वहीं, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय और दिल्ली में यह प्रक्रिया जून के अंत में शुरू होगी और 7 अक्टूबर, 2026 तक पूरी हो जाएगी।