भारत में मछली उत्पादन में आंध्र प्रदेश का प्रमुख स्थान
पश्चिम बंगाल में भाजपा की संभावित सरकार
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना है, जबकि यह राज्य मछलीभात के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हालांकि, मछली उत्पादन में यह राज्य पहले स्थान पर नहीं है। केंद्र सरकार के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पश्चिम बंगाल मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
मछली उत्पादन में वृद्धि
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, 2019-20 में मछली उत्पादन 141.60 लाख टन था, जो 2024-25 में 38% की वृद्धि के साथ 197.75 लाख टन तक पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि देश में मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है।
मछली उत्पादन का शीर्ष राज्य
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश मछली उत्पादन में पहले स्थान पर है, जबकि पश्चिम बंगाल दूसरे, उत्तर प्रदेश तीसरे, बिहार चौथे और ओडिशा पांचवे स्थान पर है।
आंध्र प्रदेश की सफलता के कारण
आंध्र प्रदेश का मछली उत्पादन में अग्रणी होना कई कारणों से है।
- लंबा समुद्री तट: आंध्र प्रदेश का समुद्री तट लगभग 970 किलोमीटर लंबा है, जो समुद्री मछलियों और झींगा के उत्पादन में सहायक है।
- नदियों और जलाशयों की उपलब्धता: कृष्णा और गोदावरी जैसी नदियां मत्स्य पालन के लिए अनुकूल हैं।
- झींगा उत्पादन में अग्रणी: आंध्र प्रदेश झींगा उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां इसे वैज्ञानिक तरीके से उत्पादित किया जाता है।
- नए उत्पादन तरीके: किसानों ने पारंपरिक तरीकों के बजाय नए तरीके अपनाए हैं, जैसे फीड मैनेजमेंट और पानी की गुणवत्ता की जांच।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: किसानों ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर उत्पादन में सुधार किया है।
भारतीय मछली का निर्यात
भारत से 130 देशों को मछली और सीफूड का निर्यात किया जाता है, जिसमें अमेरिका, चीन, और यूरोपीय देश शामिल हैं। आंध्र प्रदेश का निर्यात नेटवर्क भी बड़ा है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है।
