भारत में बांझपन की समस्या: डॉ. मोना दहिया का योगदान

भारत में बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में महिलाएं प्रभावित हो रही हैं। डॉ. मोना दहिया, जो गाज़ियाबाद में लिटिल एंजेल IVF के संस्थापक हैं, ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके प्रजनन केंद्र में उच्च सफलता दर और नवीनतम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जानें कैसे वे हजारों दांपत्य जोड़ों की मदद कर रही हैं और बांझपन के उपचार में एक नई दिशा दे रही हैं।
 | 
भारत में बांझपन की समस्या: डॉ. मोना दहिया का योगदान

बांझपन की बढ़ती समस्या


भारतीय दांपत्य जीवन में आज परिवार की वृद्धि को लेकर गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। पिछले 50 वर्षों में, कुल प्रजनन दर 5.2 से घटकर 1.9 हो गई है। अब यह समस्या केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं में बांझपन की दर 2.1 तक पहुंच गई है। भारत की 1.46 अरब की जनसंख्या के बावजूद, पिछले दशक में बांझपन की समस्याओं का सामना कर रही महिलाओं की संख्या में 30% की वृद्धि हुई है।


पुरुषों में बांझपन की बढ़ती दर

यह मान्यता है कि बांझपन केवल महिलाओं की समस्या है, लेकिन अब अध्ययन बताते हैं कि पिछले दशक में पुरुषों में बांझपन की समस्याओं में 40% से अधिक की वृद्धि हुई है। लगभग 10-15% विवाहित भारतीय जोड़े किसी न किसी प्रकार की बांझपन की समस्या का सामना कर रहे हैं। सामाजिक बदलाव, जीवनशैली के कारक और बड़े परिवार को पालने की वित्तीय चुनौतियां प्रजनन दर में गिरावट के मुख्य कारण हैं।


बांझपन के उपचार की कमी

भारत में बांझपन के उपचार के लिए सस्ती पहुंच नहीं है। देश में लगभग 2650 पंजीकृत प्रजनन केंद्र हैं, जिनमें से 90% से अधिक निजी क्लीनिक के रूप में पंजीकृत हैं। भारत में लगभग 4000-4500 प्रजनन चिकित्सक हैं जो भारतीय प्रजनन समाज के सदस्य हैं। यह संख्या बहुत कम है और भारत को बड़ी जनसंख्या के लिए अधिक प्रजनन विशेषज्ञों की आवश्यकता है।


डॉ. मोना दहिया का योगदान

डॉ. मोना दहिया, जो 1999 से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रजनन केंद्र स्थापित करने के लिए जानी जाती हैं, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित बांझपन विशेषज्ञ हैं। उनके पास 25 वर्षों का अद्वितीय अनुभव है और उन्होंने 'लिटिल एंजेल IVF' के तहत IVF केंद्र खोले हैं। हाल ही में उन्होंने गाज़ियाबाद में एक नया प्रजनन केंद्र खोला है।


डॉ. मोना दहिया को गाज़ियाबाद में सबसे अच्छे IVF डॉक्टर के रूप में मान्यता प्राप्त है।


लिटिल एंजेल IVF की विशेषताएँ

डॉ. मोना दहिया के लिटिल एंजेल IVF केंद्र गाज़ियाबाद, नोएडा, दिल्ली और गुड़गांव में फैले हुए हैं। इन केंद्रों में नवीनतम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं।


1. ISO प्रमाणित क्लीनरूम: लिटिल एंजेल IVF केंद्रों में क्लास 10,000 क्लीनरूम IVF प्रयोगशाला है।


2. उन्नत ART सेवाएँ: लिटिल एंजेल IVF केंद्रों में अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है।


3. लागत में पारदर्शिता: लिटिल एंजेल IVF ने गाज़ियाबाद में हजारों जोड़ों का विश्वास अर्जित किया है।


सफलता दर

डॉ. मोना दहिया को भारत में सबसे उच्च प्रजनन उपचार सफलता दर के लिए जाना जाता है। लिटिल एंजेल IVF केंद्र गाज़ियाबाद में IVF सफलता दर 90% से अधिक है।


संपर्क जानकारी

• IVF क्लिनिक का नाम: लिटिल एंजेल IVF


• क्लिनिक के स्थान: गाज़ियाबाद | नोएडा | दिल्ली | गुड़गांव


• हेल्पलाइन: +91 9267982924