भारत में पैरालिंपिक खेलों का नया अध्याय: मुख्यमंत्री धामी का उद्घाटन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय पैरालिंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने भारतीय दिव्यांग खिलाड़ियों की अद्वितीय उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे ये खिलाड़ी हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। धामी ने पावरलिफ्टिंग को साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया और दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा किया। इस आयोजन ने भारतीय खेलों के सुनहरे अध्याय की शुरुआत की है।
| Jan 16, 2026, 18:03 IST
मुख्यमंत्री का उद्घाटन समारोह
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पैरालिंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत के खेल इतिहास में अद्वितीय परिवर्तन आए हैं, जिससे यह समय भारतीय खेलों के लिए एक सुनहरा युग बन गया है। रुड़की स्थित सीओईआर विश्वविद्यालय से आयोजित इस चैंपियनशिप के उद्घाटन में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि भारत की अदम्य इच्छाशक्ति का उत्सव है, जो हर बाधा को चुनौती और हर चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पावरलिफ्टिंग अनुशासन, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। "यह खेल केवल ताकत का प्रदर्शन नहीं है; यह लचीलेपन और आत्मसम्मान का भी एक अद्वितीय उदाहरण है।
दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि भारत के दिव्यांग भाई-बहन आज हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत की पहली पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता (शीतल देवी) मुरलीकांत पेटकर ने 1972 के ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक खेलों में तैराकी में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा, सत्येंद्र सिंह लोहिया 12 घंटे के भीतर इंग्लिश चैनल पार करने वाले पहले भारतीय दिव्यांग एथलीट बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने, बिना हाथों के भी, विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि कमजोरी को ताकत में बदला जा सकता है। इसी तरह, भारतीय दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम ने कोलंबो में आयोजित टी20 ब्लाइंड महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
टोक्यो पैरालंपिक्स और भविष्य की योजनाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि टोक्यो पैरालंपिक्स में अवनी लेखारा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता और सुमित अंतिल ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर वैश्विक स्तर पर भारत का दबदबा कायम किया। इसके अलावा, 2024 पेरिस पैरालंपिक्स में भारतीय एथलीटों ने 29 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। साथ ही, दुबई में आयोजित 2025 एशियाई युवा पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 110 पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि भारतीय पैरालंपिक एथलीट किसी से कम नहीं हैं। पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित दीपा मलिक, जो समारोह में उपस्थित थीं, का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 2016 रियो पैरालंपिक्स में शॉट पुट में रजत पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पैरालंपियन हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह एक सफल बाइकर, तैराक और कार रैली ड्राइवर भी हैं और उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।
