भारत में पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में वृद्धि, जानें नए रेट

भारत में ईरान के संघर्ष के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिससे आम आदमी पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 108.74 रुपये तक पहुंच गई है। महंगे फ्यूल के कारण परिवहन लागत में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे दैनिक आवश्यकताओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और इसके संभावित प्रभाव।
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महंगाई का असर: ईरान के संघर्ष का प्रभाव

नई दिल्ली: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के संघर्ष का प्रभाव अब भारत के आम नागरिकों पर भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि के बाद, अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3.29 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इसके अलावा, दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी 2 रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे इसकी कीमत 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है।


भारत में पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में वृद्धि, जानें नए रेट


कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे अधिक 3.29 रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे वहां की कीमत 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में पेट्रोल 3.14 रुपये की वृद्धि के साथ 106.68 रुपये हो गया है, जबकि चेन्नई में यह 2.83 रुपये बढ़कर 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों का मार्जिन प्रभावित हुआ है, जिससे उन्हें हर महीने 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।


डीजल की कीमतों में भी 3 रुपये से अधिक की वृद्धि की गई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 3.11 रुपये बढ़कर 95.13 रुपये हो गई है। मुंबई में भी इसी तरह की वृद्धि के बाद डीजल की कीमत 93.14 रुपये प्रति लीटर हो गई है। चेन्नई में डीजल 2.86 रुपये बढ़कर 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई और बढ़ने की संभावना है। महंगे फ्यूल के कारण परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे सब्जियों, राशन, दूध और अन्य दैनिक आवश्यकताओं की कीमतें भी बढ़ेंगी।


अप्रैल में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के कारण थोक महंगाई कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालिया आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में पेट्रोल की महंगाई 32.4 फीसदी पर पहुंच गई, जो एक महीने पहले 2.50 फीसदी थी। इसी तरह, हाईस्पीड डीजल की महंगाई 3.62 फीसदी से बढ़कर 25.19 फीसदी हो गई।


इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में आज फिर से वृद्धि हुई है। ब्रेंट क्रूड 1.35 फीसदी की वृद्धि के साथ 107.2 रुपये प्रति लीटर पर ट्रेड कर रहा है। ईरान के संघर्ष के बाद से कच्चा तेल लगभग 50 फीसदी महंगा हो चुका है। भारत लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। हालाँकि, होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण दुनिया की लगभग 20 फीसदी सप्लाई बाधित हुई है। माना जा रहा है कि यदि ईरान का संघर्ष समाप्त होता है, तो भी सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा।