भारत में पहले Telecom Manufacturing Zone की स्थापना: ग्वालियर में ऐतिहासिक समझौता
ग्वालियर में भारत के पहले Telecom Manufacturing Zone की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को दूरसंचार उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला, जो न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को भी मजबूत करेगा। इस क्षेत्र में मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, और 5G तकनीकों के अनुसंधान एवं विकास की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
| Jul 30, 2026, 19:26 IST
Telecom Manufacturing Zone की स्थापना
ग्वालियर में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में, दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग के बीच देश के पहले Telecom Manufacturing Zone (TMZ) की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कदम भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में एक नई शुरुआत का प्रतीक है और औद्योगिक एवं तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस अवसर पर बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सिंधिया ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्वालियर में लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक Plug-and-Play मॉडल पर विकसित की जाएगी। इस परियोजना के पहले चरण के लिए भारत सरकार ने ₹493 करोड़ की पूरी वित्तीय सहायता मंजूर की है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में स्थापित होने वाला यह Telecom Manufacturing Zone देश को दूरसंचार उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने बताया कि इस एकीकृत विनिर्माण परिसर में मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, और 5G एवं 6G तकनीकों के अनुसंधान, विकास और निर्माण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्वालियर का Telecom Manufacturing Zone देश की Semiconductor Mission और Electronics Component Schemes जैसी राष्ट्रीय पहलों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए दूरसंचार विनिर्माण का एक समग्र इकोसिस्टम विकसित करेगा। इससे अनुसंधान से लेकर उत्पादन तक की प्रक्रिया एक ही स्थान पर संचालित हो सकेगी, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, यह भारत में निर्मित दूरसंचार उपकरणों के वैश्विक निर्यात को भी बढ़ावा देगा।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के प्रयासों के चलते ग्वालियर को देश के पहले Telecom Manufacturing Zone की स्थापना के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश को दूरसंचार विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाएगी।
