भारत में नए पीएनजी कनेक्शन की बढ़ती संख्या और एलपीजी कनेक्शन का सरेंडर

भारत में पीएनजी कनेक्शन की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जबकि 6000 उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर कर दिया है। सरकार ने होटल और ढाबों को पीएनजी से जोड़ने पर जोर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही है, साथ ही कालाबाजारी को रोकने के लिए छापे भी मारे जा रहे हैं। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है और सरकार की सुरक्षा उपायों के बारे में।
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भारत में पीएनजी कनेक्शन की स्थिति

भारत में नए पीएनजी कनेक्शन की बढ़ती संख्या और एलपीजी कनेक्शन का सरेंडर

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत में एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सरकार ने बताया कि मार्च महीने में 2.9 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। होटल, ढाबे और कैंटीन को पीएनजी से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि 25 मार्च तक 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन को सरेंडर कर दिया है।

उन्होंने उन उपभोक्ताओं का आभार व्यक्त किया और अन्य पीएनजी उपयोगकर्ताओं से अनुरोध किया कि वे भी अपने LPG कनेक्शन छोड़ दें, ताकि सिलेंडर उन लोगों तक पहुंच सके जिनके पास PNG की सुविधा नहीं है। मित्तल ने लिखा, “6000 PNG उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए! उनका बहुत-बहुत धन्यवाद!! ‘DoGood’ नागरिकों के इस साहसी समूह में शामिल हों, जो उन लोगों की मदद के लिए LPG छोड़ने को आगे आए हैं जिनके पास PNG नहीं है।”

सरकार ने यह भी बताया कि देश के प्रमुख क्षेत्रों जैसे ऊर्जा, गैस, शिपिंग और नागरिक सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। पेट्रोल-डीजल के संबंध में, उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने लोगों से घबराकर खरीदारी न करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सभी रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है।

कालाबाजारी को रोकने के लिए, देशभर में 2900 से अधिक छापे मारे गए हैं, जिसमें 1000 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स को 480 नोटिस जारी किए गए हैं। विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कहा कि यह सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय दूतावास 24×7 सहायता प्रदान कर रहे हैं। अब तक 5.24 लाख लोग पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं और जरूरतमंदों को वीजा, यात्रा और अन्य सहायता दी जा रही है.