भारत में नई आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन, सुरक्षा में सुधार की उम्मीद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की पहली राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन किया। यह प्रणाली आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शाह ने बताया कि यह प्रणाली विभिन्न प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और विश्लेषण में सहायक होगी। एनआईडीएमएस एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों से संबंधित डेटा को व्यवस्थित करेगा। गृह मंत्रालय ने पिछले वर्षों में एकत्र किए गए डेटा को एकीकृत करने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग करने की योजना बनाई है।
| Jan 9, 2026, 18:38 IST
नई आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भारत की पहली राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आतंकवाद के खिलाफ एक नई सुरक्षा ढाल के रूप में कार्य करेगी और देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को तीन प्रमुख तरीकों से मजबूती मिलेगी।
शाह ने यह उद्घाटन गुरुग्राम के मानेसर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) छावनी में वर्चुअल तरीके से किया। यह कदम भारत की आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विरोधी और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनएसजी के महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक और विभिन्न राज्यों के पुलिस प्रमुख शामिल हुए।
एनएसजी द्वारा विकसित एनआईडीएमएस एक सुरक्षित, राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) से संबंधित डेटा का व्यवस्थित संग्रह, संकलन और प्रसार करना है। शाह ने अपने संबोधन में कहा, "एनआईडीएमएस आने वाले दिनों में आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके साथ ही, यह आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी का सुरक्षा कवच बनेगा।"
मंत्री ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा एकत्र किए हैं, लेकिन वे अब तक अलग-अलग थे। भाजपा नेता ने कहा, "अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को आपस में जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। आज एनआईडीएमएस का शुभारंभ इस प्रक्रिया को गति देगा और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।"
