भारत में ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियमों की घोषणा

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने के लिए नए नियमों की अधिसूचना जारी की है। इस अधिनियम का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन करना और उपयोगकर्ता सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसमें ईस्पोर्ट्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा, जबकि अधिकांश अन्य गेम बिना पंजीकरण के संचालित हो सकेंगे। जानें इस अधिनियम के तहत क्या बदलाव आएंगे और इसका प्रभाव क्या होगा।
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भारत में ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियमों की घोषणा gyanhigyan

नए नियमों का उद्देश्य और प्रक्रिया

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने के लिए नए नियमों की अधिसूचना जारी की है। यह अधिनियम ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण के गठन में मदद करेगा। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि अधिकांश ऑनलाइन गेम, जो वास्तविक धन से संबंधित नहीं हैं, उन्हें पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।


निगरानी और पंजीकरण की प्रक्रिया

निगरानी केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में लागू होगी। हालांकि, ईस्पोर्ट्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। कृष्णन ने कहा कि हम इस प्रक्रिया को सरल रखना चाहते थे, ताकि अधिकांश खेल बिना किसी बाध्यता के संचालित हो सकें।


निर्धारितता की शर्तें

हालांकि, 'निर्धारितता' केवल तीन विशेष स्थितियों में लागू होगी। पहली स्थिति तब होगी जब प्राधिकरण स्वतः संज्ञान लेगा, दूसरी स्थिति में ईस्पोर्ट्स शामिल होंगे, और तीसरी स्थिति में केंद्र सरकार सोशल गेम्स की किसी विशेष श्रेणी को अधिसूचित कर सकती है। कृष्णन ने यह भी बताया कि नियमों में उपयोगकर्ता सुरक्षा सुविधाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।


अधिनियम का प्रभाव

यह अधिनियम भारत में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाता है, जबकि ईस्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देता है। मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में इन नियमों पर प्रतिक्रिया मांगी थी और 2,500 सुझाव प्राप्त हुए थे।