भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर नई पहल: कम वजन वाले सिलेंडरों पर विचार
एलपीजी आपूर्ति में सुधार की दिशा में कदम
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, भारत की तेल विपणन कंपनियां खाना पकाने की गैस की संतुलित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हल्के सिलेंडरों के वितरण पर विचार कर रही हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि ओएमसी 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडरों में 10 किलोग्राम गैस बेचना शुरू कर सकती हैं, और इसे केवल अटकलें बताया।
सरकार की योजनाएं और अफवाहों का खंडन
हालांकि, रिफाइनरियों ने इस मुद्दे पर सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। एक सरकारी तेल निगम के अधिकारी ने कहा कि इस पर विचार चल रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इसे अफवाह करार दिया और कहा कि किसी भी अटकल पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
गैस वितरण में सुधार के लिए सरकार के कदम
सरकार ने गैस वितरण को बेहतर बनाने और आपूर्ति दबाव को कम करने के लिए कदम उठाए हैं। इसके तहत, शहरों में पाइपलाइन गैस परियोजनाओं के आवेदन तेजी से निपटाने और प्रमुख क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, ताकि वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा किया जा सके।
सीजीडी आवेदन की त्वरित प्रक्रिया
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने अपने कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे शहर गैस वितरण (सीजीडी) के सभी आवेदन केवल 10 दिनों में निपटाएं। इसका उद्देश्य पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की व्यवस्था को तेजी से शुरू करना है। बड़े शहरों में व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं को भी एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप के जरिए आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की ओर स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है।
