भारत में WiFi राउटर की सुरक्षा पर बढ़ता खतरा

भारत सरकार ने हाल ही में चीनी CCTV कैमरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं, लेकिन एक और गंभीर खतरा हमारे घरों में छिपा है: WiFi राउटर। इन राउटर्स की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब अमेरिका ने विदेशी राउटर्स पर प्रतिबंध लगाया है। भारत में सस्ते राउटर्स की भरमार है, जिनमें सुरक्षा खामियां हो सकती हैं। इस लेख में जानें कि कैसे ये राउटर्स आपके डिजिटल जीवन को खतरे में डाल सकते हैं और आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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भारत सरकार का सख्त कदम

नई दिल्ली। हाल ही में भारत सरकार ने चीनी CCTV कैमरों के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए STQC सर्टिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। इसका मुख्य प्रभाव चीनी CCTV कैमरा कंपनियों, जैसे Dahua और Hikvision, पर पड़ा है। इसके अलावा, TP-Link के कैमरों पर भी निगरानी बढ़ाई जा सकती है। लेकिन इस चर्चा के बीच एक और गंभीर खतरा हमारे घरों में मौजूद है, जिस पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया है: WiFi राउटर।


वाईफाई राउटर की सुरक्षा पर सवाल

भारत में करोड़ों घरों में इंटरनेट कनेक्शन है, और हर घर में एक राउटर होता है, जो केवल इंटरनेट प्रदान नहीं करता, बल्कि पूरे डिजिटल इकोसिस्टम का प्रवेश द्वार भी है। आपके फोन, लैपटॉप, बैंकिंग ऐप, स्मार्ट टीवी और CCTV सभी इसी डिवाइस के माध्यम से जुड़े होते हैं। यदि यह डिवाइस कमजोर हो, तो पूरा सिस्टम असुरक्षित हो जाता है।


अमेरिका में विदेशी राउटर पर प्रतिबंध

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राउटर से संबंधित खतरे बढ़ रहे हैं। अमेरिका में हाल ही में फेडरल कम्युनिकेशन कमिशन (FCC) ने विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स, विशेषकर चीन में निर्मित नेटवर्क उपकरणों के प्रति चिंता व्यक्त की है। FCC ने इन राउटर्स पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।


साइबर हमलों का बढ़ता खतरा

रिपोर्टों के अनुसार, मलेशियाई हैकर राउटर्स में मौजूद सुरक्षा खामियों का लाभ उठाकर पूरे नेटवर्क तक पहुंच बना लेते हैं। यह केवल डेटा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर नेटवर्क में व्यवधान और जासूसी का कारण भी बन सकता है। पिछले कुछ वर्षों में Volt Typhoon और Flax Typhoon जैसे साइबर ऑपरेशनों ने राउटर्स और नेटवर्क उपकरणों को निशाना बनाया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि नेटवर्क पर भी लड़ा जा रहा है।


भारत में चीनी राउटर्स की समस्या

भारत में स्थिति और भी गंभीर है। यहां अधिकांश लोग सस्ते और बजट राउटर्स का चयन करते हैं, जिनमें से कई चीनी या चीनी सप्लाई चेन से जुड़े ब्रांड्स होते हैं। इन उपकरणों में अक्सर सुरक्षा अपडेट समय पर नहीं मिलते और कई बार फर्मवेयर में भी कमजोरियां होती हैं। उपयोगकर्ताओं को इस बारे में जानकारी नहीं होती।


राउटर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी

इससे भी चिंताजनक बात यह है कि इन राउटर्स को स्थापित करने वाले तकनीशियन कई बार डिफॉल्ट यूज़रनेम और पासवर्ड सेट करके छोड़ देते हैं। यही क्रेडेंशियल्स उनके पास भी होते हैं, जिसका मतलब है कि आपके घर का इंटरनेट केवल आपका नहीं होता, बल्कि किसी तीसरे व्यक्ति के पास भी उसकी चाबी हो सकती है।