भारत ने वेनेजुएला में हालात पर जताई चिंता, नागरिकों के लिए जारी की चेतावनी
भारत की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के संदर्भ में भारत सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए वहां की स्थिति पर 'गहरी चिंता' व्यक्त की। भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है।
भारत का समर्थन
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'भारत वेनेजुएला के नागरिकों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध करते हैं कि वे शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करें ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।'
भारतीय नागरिकों के लिए चेतावनी
बढ़ते तनाव को देखते हुए, विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक यात्रा सलाह जारी की। इसमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे वेनेजुएला की सभी 'गैर-जरूरी यात्रा' से बचें। जो भारतीय वहां मौजूद हैं, उन्हें सावधानी बरतने और अपनी गतिविधियों को सीमित रखने की सलाह दी गई है।
दूतावास का संपर्क
कराकास में भारतीय दूतावास वहां के भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है। आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए दूतावास ने निम्नलिखित संपर्क जानकारी साझा की है: ईमेल: cons.caracas@mea.gov.in और हेल्पलाइन नंबर: +58-412-9584288।
विवाद का कारण
यह कूटनीतिक हलचल तब शुरू हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने काराकास में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन किया। 'नारको-टेरेरिज्म' के खिलाफ इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। ट्रंप ने घोषणा की है कि सत्ता के सुरक्षित हस्तांतरण तक वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा। भारत के लिए वेनेजुएला सामरिक और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, इसलिए नई दिल्ली का यह बयान वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
