भारत ने यूएन में पाकिस्तान को आतंकवाद का मुख्य स्रोत बताया

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आतंकवाद का मुख्य स्रोत बताते हुए कड़ा प्रहार किया। पी हरीश ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह दशकों से आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहा है। इस बहस में भारत ने पाकिस्तान के निराधार आरोपों का जवाब दिया और स्पष्ट किया कि उसे अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। जानें इस महत्वपूर्ण बहस के मुख्य बिंदु और भारत का संदेश।
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भारत का पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार

संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को कठोर शब्दों में चेतावनी दी है। न्यूयॉर्क में यूएएससी की ओपन डिबेट के दौरान, भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का मुख्य स्रोत बताते हुए कहा कि उसे अब समझ लेना चाहिए कि सीमा पार आतंकवाद फैलाने की गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह दशकों से आतंकवाद, कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा देता आ रहा है। बहस के दौरान, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाए, जिसका भारत ने उसी मंच पर सटीक जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों का जवाब देना आवश्यक है। भारत अब पूरी दुनिया के सामने सच्चाई रखना चाहता है।


पाकिस्तान की पुरानी साजिशों का जिक्र

भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि आजादी के तुरंत बाद से ही उसने भारत के खिलाफ साजिशें शुरू कर दी थीं। पी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के उन क्षेत्रों पर नजर डाली जो कानूनी रूप से भारत का हिस्सा हैं। इसके बाद उसने कई युद्ध छेड़े और सीमा पर हमले किए, साथ ही आतंकवाद को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। भारत ने पाकिस्तान की उस नीति का भी उल्लेख किया जिसे 'ब्लीड इंडिया बाय ए थाउजेंड कट्स' कहा जाता है, यानी भारत को कमजोर करने के लिए हजारों चोटें देना। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान का यह रवैया दर्शाता है कि यूएन चार्टर और शांति की बातें करना केवल एक दिखावा है।


भारत की सुरक्षा का अधिकार

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसे अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है और यदि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद फैलाता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। भारत का संदेश था कि अब आतंक फैलाने का दौर समाप्त हो चुका है। यूएन में भारत ने पाकिस्तान को केवल आतंकवाद के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक कट्टरता और हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाए। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपनी स्थापना के समय से ही आतंकवाद और भारत विरोधी सोच को बढ़ावा देता आ रहा है। दुनिया के सामने इसके सबूत मौजूद हैं और इस पर अधिक स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता नहीं है। इस बार यूएन के मंच से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पाकिस्तान की आतंकवादी रणनीति अब छिपी नहीं रह सकती। आतंकवाद को अपनी विदेश नीति का हिस्सा बनाने वाला पाकिस्तान लगातार बेनकाब हो रहा है।