भारत ने पीओके में चुनावों को बताया दिखावटी, पाकिस्तान की नीतियों पर उठाए सवाल

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आयोजित विधानसभा चुनावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, इसे अवैध कब्जे को वैध ठहराने की एक दिखावटी प्रक्रिया बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं। इसके अलावा, भारत-चीन संबंधों, सार्क के भविष्य और काला सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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भारत का स्पष्ट रुख

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में आयोजित विधानसभा चुनावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को वैध ठहराने की एक "कॉस्मेटिक" प्रक्रिया करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न हिस्सा हैं।


पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल

जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा आयोजित ये चुनाव उसके अवैध कब्जे को छिपाने और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छुपाने का प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि पीओके में पिछले दो महीनों से चल रहे व्यापक जनआंदोलन पाकिस्तान की आर्थिक शोषणकारी नीतियों और प्रशासनिक दमन का परिणाम है।


भारत-चीन संबंधों पर अपडेट

भारत-चीन संबंधों पर प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त 2025 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला के माध्यम से सीमा व्यापार फिर से शुरू करने पर सहमति बनी थी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 27-28 जुलाई को चीन की यात्रा के दौरान चीनी अधिकारियों के साथ वार्ता की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा की।


सार्क और क्षेत्रीय सहयोग

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के भविष्य पर चर्चा करते हुए, जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है। उन्होंने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि दक्षिण एशिया का हर देश जानता है कि कौन-सी गतिविधियां सार्क की प्रगति में बाधा डाल रही हैं।


काला सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा

काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस समय होरमुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में छह भारतीय जहाज हैं, जिन पर 125 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर भारत का रुख

कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत उस बयान को निराधार मानता है और इसे पूरी तरह से खारिज करता है। नेपाल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के संबंध में विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि उन्हें औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है।


रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस विवाद का स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत हमेशा से बातचीत के जरिए समाधान का समर्थन करता रहा है।


प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा

खाड़ी देशों में भारतीयों की स्थिति पर पूछे गए सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि हमने संसद में जानकारी रखी है और सरकार के स्तर पर प्रयास जारी हैं कि हर प्रवासी भारतीय का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।