भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, मानवाधिकारों का मुद्दा उठाया

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नागरिकों पर हो रहे दमन के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने ही नागरिकों के खिलाफ बर्बरता का सहारा ले रही है। इस प्रेस वार्ता में मानवाधिकार उल्लंघनों, आतंकवाद और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर गंभीर टिप्पणियां की गई हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की अपील की है। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में नागरिकों पर हो रहे दमन के खिलाफ एक सख्त और आक्रामक रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वहां की सरकार अपने ही लोगों के खिलाफ बर्बरता का सहारा ले रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर चुप नहीं रहना चाहिए।


नागरिकों पर बल प्रयोग की निंदा

जायसवाल ने बताया कि पीओजेके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर बल प्रयोग के कारण 40 से अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को 'दुश्मन' करार देकर स्थानीय जनता के प्रति सरकार के तिरस्कार को उजागर किया।


पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के आंतरिक हालात पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक ने स्वीकार किया है कि जिन मुजाहिदीनों को पाकिस्तान ने प्रशिक्षित किया, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा चुके हैं। भारत ने इसे पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति की सबसे बड़ी स्वीकार्यता बताया।


पीओजेके में चुनावों की अस्वीकृति

जायसवाल ने पीओजेके में हाल के चुनावों को पाकिस्तान की सत्ता के लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से गैरकानूनी हत्याओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करने की अपील की।


भूटान के साथ विकास सहयोग

भूटान के साथ विकास सहयोग पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश सचिव की हालिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय विकास साझेदारी की समीक्षा की। इस दौरान दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें भूटान के लिए ऋण सहायता और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग शामिल है।


समुद्री सुरक्षा पर भारत का रुख

समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन के मुद्दे पर भारत ने अपने स्थापित रुख को दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और स्वतंत्र नौवहन का समर्थक रहा है।


नेपाल के साथ संबंध

नेपाल के साथ संबंधों पर चर्चा करते हुए, जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे हैं और नियमित बातचीत जारी है।


रूसी सेना में भर्ती भारतीय नागरिक

रूसी सेना में भर्ती भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 139 भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित की गई है।


अमेरिकी सीनेट में विधेयक पर प्रतिक्रिया

अमेरिकी सीनेट में पेश एक विधेयक पर भारत ने संयमित लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है।


ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी

भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता को लेकर जानकारी दी कि इस वर्ष वह संगठन की अध्यक्षता कर रहा है और शिखर सम्मेलन की तैयारियां चल रही हैं।


भारत की रणनीतिक व्यापार नियंत्रण व्यवस्था

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था है।


यूक्रेन में भारतीय नागरिकों की स्थिति

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति पर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि चार भारतीय चालक दल के सदस्य जहाज पर थे।


अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन

विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन के आंकड़े साझा किए, जिसमें 1,273 भारतीय नागरिकों को भारत भेजा गया है।


भारत का कूटनीतिक संदेश

विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता का मुख्य संदेश पाकिस्तान के खिलाफ भारत के बदले हुए कूटनीतिक तेवर थे। भारत ने मानवाधिकार उल्लंघनों और पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति को वैश्विक विमर्श में लाने का प्रयास किया।