भारत ने थॉमस कप में सेमीफाइनल में जगह बनाई, लक्ष्य सेन बने हीरो

भारत ने थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट में चीनी ताइपे को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चोउ टिएन चेन को हराया, जबकि आयुष शेट्टी ने मौजूदा चैंपियन लिन चुनयी को मात दी। इस जीत ने भारत के लिए पदक की उम्मीदें भी पक्की कर दी हैं। जानें इस रोमांचक मुकाबले के बारे में और अधिक जानकारी।
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भारत की शानदार जीत

लक्ष्य सेन की शानदार वापसी के साथ, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने भारत को 1 मई 2026 को डेनमार्क के होर्सेंस में चीनी ताइपे के खिलाफ थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। भारत ने इस मुकाबले में 3-0 से जीत हासिल की।


लक्ष्य सेन का अद्भुत प्रदर्शन

लक्ष्य सेन ने विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। इस मैच में, लक्ष्य ने एक घंटे और 28 मिनट तक चले मुकाबले में 1821, 2220, 2117 से जीत दर्ज की।


युगल जोड़ी की सफलता

इसके बाद, सात्विक और चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग चीलिन को 2321, 1921, 2112 से हराकर भारत की स्थिति को मजबूत किया।


आयुष शेट्टी का शानदार खेल

आयुष शेट्टी ने विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुनयी को 2116, 2117 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।


पूर्व कोच की प्रतिक्रिया

भारत की इस जीत पर पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा, 'यह एक यादगार प्रदर्शन है, जो भारतीय बैडमिंटन में आत्मविश्वास और तैयारी को दर्शाता है।' भारत 2022 का चैंपियन है और सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा।


थॉमस कप में पदक की पक्की उम्मीद

इस जीत ने थॉमस कप में भारत के लिए पदक की उम्मीद को पक्का कर दिया है। भारत ने पहले भी 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते हैं।


रोमांचक मुकाबला

इस मुकाबले में लंबी रैलियों और सटीक स्ट्रोकप्ले का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। चोउ ने पहले गेम में 1015 से पिछड़ने के बाद जीत हासिल की, लेकिन लक्ष्य ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की।


आयुष का धैर्य और आक्रामकता

आयुष ने पहले गेम में 711 से पिछड़ने के बाद धैर्य दिखाया और कई विनर्स लगाकर स्कोर को 1312 कर दिया। उन्होंने दूसरे गेम में भी अपनी लय बनाए रखी और अंत में मैच जीत लिया।


इनुंगानबी ताखेल्लामबम की उपलब्धि

दो बार घुटने की चोट और कई शुरुआती हार के बाद, इनुंगानबी ताखेल्लामबम ने एशियन जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारत को 13 साल बाद मेडल दिलाया।