भारत ने तीरंदाजी विश्व कप में चीन को हराकर जीता स्वर्ण पदक
भारतीय महिला रिकर्व टीम की शानदार जीत
दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोद की तिकड़ी ने रविवार को तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में मेज़बान चीन को शूट ऑफ में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस रोमांचक फाइनल में भारत ने पहले सेट में बढ़त बनाई, लेकिन चीन ने मुकाबला बराबर कर दिया। निर्धारित चार सेट के बाद स्कोर बराबर रहने पर शूट ऑफ का सहारा लिया गया।
निर्णायक क्षणों में भारत की जीत
भारतीय टीम ने निर्णायक क्षणों में संयम बनाए रखते हुए 54 अंक से जीत हासिल की। अनुभवी दीपिका ने अंतिम शूट ऑफ में महत्वपूर्ण नौ अंक जुटाकर भारत को 2021 के बाद पहला विश्व कप स्वर्ण पदक दिलाया। इससे पहले, भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। दीपिका के नाम अब तक सात विश्व कप टीम स्वर्ण पदक हो चुके हैं।
तीन साल में पहला विश्व कप पदक
यह भारतीय महिला रिकर्व टीम का तीन साल में पहला विश्व कप पदक है। पहले, टीम ने 2023 में पेरिस में चरण चार में पोडियम पर जगह बनाई थी। शंघाई में भारत ने अब तक दो पदक जीते हैं। इससे पहले, कंपाउंड तीरंदाज साहिल जाधव ने कांस्य पदक जीतकर देश का खाता खोला था।
सिमरनजीत कौर की नजरें सेमीफाइनल पर
रिकर्व तीरंदाज सिमरनजीत कौर सेमीफाइनल में उतरेंगी और उन्हें विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने के लिए जीत की आवश्यकता है। बिना किसी पूर्णकालिक राष्ट्रीय कोच के यात्रा करते हुए दीपिका ने टीम का नेतृत्व किया और अपनी साथियों का हौसला बढ़ाया।
भारत की शुरुआत और चीन की वापसी
महिला रिकर्व कोच प्रफुल्ल डांगे ने कुमकुम को राष्ट्रीय ट्रायल में शीर्ष पर रहने के बाद नियुक्त किया था, लेकिन वह पृष्ठभूमि में ही रहे। दीपिका ने टीम का मार्गदर्शन किया। भारत ने शुरुआत में नियंत्रण में दिखा, लेकिन पहले सेट के बाद चीन ने वापसी की।
चीन की शानदार वापसी
दीपिका ने पहले सेट में लगातार 10 अंक बनाए, जिससे भारत ने बढ़त बनाई। दीपिका ने दूसरे सेट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन चीन ने जोरदार वापसी की और कुल 55 अंक बनाए।
भारत हार की कगार पर
अंकिता ने 9 अंक बनाए, लेकिन कुमकुम केवल आठ अंक ही जुटा सकीं। दीपिका को 10 अंक की आवश्यकता थी, लेकिन वह केवल सात अंक ही जुटा सकीं, जिससे भारत यह सेट हार गया।
शूट ऑफ में भारत की जीत
कुमकुम का आखिरी तीर सात अंक पर लगा, जिससे भारत 54 अंक तक ही पहुंच पाया। चीन को जीत के लिए अपने आखिरी तीन तीर से 10 और 9 अंक की आवश्यकता थी। दीपिका ने धैर्य बनाए रखते हुए नौ अंक के साथ टीम की जीत सुनिश्चित की।
