भारत ने चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उपलब्धि हासिल की
भारत की अर्थव्यवस्था का नया मुकाम
नई दिल्ली: भारत ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक मील का पत्थर पार कर लिया है। 2025 के अंत तक, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त कर लिया है। सरकारी आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की नाममात्र जीडीपी अब 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गई है, जो जापान से अधिक है।
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
यह उपलब्धि भारत की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 में भारत की जीडीपी 4.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगी, और भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आईएमएफ ने 2025-26 के लिए भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत और 2026-27 के लिए 6.2 प्रतिशत का अनुमान लगाया है।
अर्थव्यवस्था में प्रगति
भारत ने पहले 2021 के अंत में ब्रिटेन को पीछे छोड़कर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त किया था। अब चौथे स्थान पर पहुँचकर, भारत केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी से पीछे है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 2.5 से 3 वर्षों में भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, जिसकी जीडीपी 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
विकास के कारक
इस तेज़ विकास के पीछे मजबूत घरेलू मांग, सेवा क्षेत्र की मजबूती, निर्यात में वृद्धि और सरकारी सुधारों का योगदान है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 8.2 प्रतिशत रही, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे ऊँची है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और बेरोजगारी में कमी आई है।
प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर कहा, "यह भारत की आर्थिक शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। हमारी सरकार के सुधारों और जनता के परिश्रम से भारत विश्व अर्थव्यवस्था में नई ऊँचाइयों को छू रहा है।"
अंतरराष्ट्रीय मान्यता
विश्व बैंक, ओईसीडी और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ भी भारत की विकास यात्रा की सराहना कर रही हैं। भारत न केवल तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
