भारत ने क्यूबा के लिए अमेरिका के प्रतिबंधों के खिलाफ UNGA प्रस्ताव का समर्थन किया

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। इस प्रस्ताव को 130 देशों का समर्थन मिला, जबकि 17 देशों ने इसके खिलाफ वोट दिया। भारत ने कहा कि क्यूबा को अपनी विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इन प्रतिबंधों को हटाना जरूरी है। क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर इन प्रतिबंधों का गंभीर प्रभाव पड़ा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और खाद्य उत्पादन प्रभावित हुए हैं। भारत ने वैश्विक समुदाय से इन प्रतिबंधों को जल्द समाप्त करने की अपील की है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत का समर्थन


संयुक्त राष्ट्र। भारत ने क्यूबा के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में प्रस्तुत प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को तुरंत समाप्त करने की मांग की गई है। भारत ने यह भी कहा है कि क्यूबा को अपनी विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इन प्रतिबंधों को हटाना आवश्यक है।


इस प्रस्ताव को 193 सदस्यीय महासभा में 130 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ। मतदान के दौरान 17 देशों ने इसके खिलाफ वोट दिया, जबकि 25 देश अनुपस्थित रहे।


भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर सौम्या नायर ने कहा कि महासभा ने बार-बार इन प्रतिबंधों को समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी एकतरफा उपाय का विरोध करता है जो किसी अन्य देश की संप्रभुता और सामाजिक-आर्थिक प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।


सौम्या नायर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इन प्रतिबंधों का क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। क्यूबा का स्वास्थ्य ढांचा संकट में है और आवश्यक दवाओं की भारी कमी हो गई है। पिछले पांच वर्षों में खाद्य उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।


हाल ही में ईंधन के आयात-निर्यात पर बढ़ी पाबंदियों के कारण क्यूबा में ऊर्जा संकट और गहरा हो गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पेयजल आपूर्ति और खाद्य वितरण प्रभावित हुए हैं।


भारत ने बहुपक्षवाद और संवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आशा व्यक्त की कि वैश्विक समुदाय की भावना का सम्मान करते हुए इन प्रतिबंधों को जल्द से जल्द समाप्त किया जाएगा, ताकि क्यूबा के लोग वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी कर सकें।