भारत ने ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर स्पष्ट की अपनी स्थिति
भारत ने हाल ही में विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर शोक व्यक्त किया और पाकिस्तान के आतंकवाद के समर्थन पर चिंता जताई। इसके अलावा, वेनेजुएला में भारतीय नाविक की मौत, तीस्ता नदी परियोजना, और अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों पर भी भारत की प्रतिक्रिया शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी की आगामी विदेश यात्रा की जानकारी भी साझा की गई।
| Jul 3, 2026, 18:43 IST
भारत की विदेश नीति पर महत्वपूर्ण बिंदु
भारत ने अपने विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और प्रवासी भारतीयों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्थिति को स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है और भारतीय प्रतिनिधिमंडल अंतिम संस्कार समारोह में भाग लेने के लिए तेहरान जा रहा है। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत ने ईरान के साथ अपने पारंपरिक और घनिष्ठ संबंधों को दोहराते हुए इसे संवेदनशील कूटनीतिक संवाद का हिस्सा बताया।
सिंधु जल संधि पर भारत का रुख
सिंधु जल संधि के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख स्पष्ट और स्थिर है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के कारण सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित है। भारत का मानना है कि पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन से पीछे हटना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देना बंद नहीं करता, तब तक सामान्य स्थिति की उम्मीद नहीं की जा सकती।
वेनेजुएला में भारतीय नाविक की मौत पर चिंता
विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में जहाज पर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान के मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रवक्ता ने कहा कि मृतक के शव के साथ कथित छेड़छाड़ और अंग निकाले जाने के आरोप बेहद संवेदनशील हैं। भारत ने वेनेजुएला के अधिकारियों से इस मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया है। मंत्रालय लगातार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।
तीस्ता नदी परियोजना पर भारत का दृष्टिकोण
तीस्ता नदी परियोजना के संदर्भ में भारत ने कहा कि बांग्लादेश में चल रही विकास सहायता परियोजनाएं आपसी सहमति के आधार पर आगे बढ़ती हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पहले ही बांग्लादेश को इस परियोजना पर अपने विचार बता दिए हैं और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि भारत क्षेत्रीय सहयोग और आपसी हितों को ध्यान में रखकर संतुलित दृष्टिकोण बनाए हुए है।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों पर प्रतिक्रिया
भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने निर्दोष लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की और अफगानिस्तान की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया। भारत मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं के माध्यम से अफगानिस्तान के लोगों की सहायता जारी रखे हुए है।
भारतीय मिशनों की वाणिज्य दूतावास सेवाएं
विदेश मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलिया, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय मिशनों द्वारा दी जा रही वाणिज्य दूतावास सेवाओं पर स्थिति स्पष्ट की। प्रवक्ता ने बताया कि इन देशों में भारतीय मिशन सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं में सहयोग देने वाली बाहरी एजेंसी का काम फिलहाल रोक दिया गया है क्योंकि मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। मंत्रालय ने कहा कि अदालत के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की आगामी विदेश यात्रा
विदेश मंत्रालय में पूर्वी मामलों के सचिव रुद्रेंद्र टंडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी विदेश यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आठ और नौ जुलाई को इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह जकार्ता के अलावा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर योग्यकर्ता भी जाएंगे, जहां भारत और इंडोनेशिया प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण कार्य में सहयोग करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दस जुलाई को मेलबर्न पहुंचेंगे और ग्यारह जुलाई को न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे। मंत्रालय के अनुसार इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में भारत की सक्रिय भागीदारी और एक्ट ईस्ट नीति को नई गति देना है।
