भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की: विदेश मंत्रालय
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। कतर में गैस संयंत्र हादसे से लेकर पाकिस्तान के आरोपों, ब्रिक्स सुरक्षा बैठक, भारत-चीन संबंधों और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा तक, कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। जानें इस प्रेस ब्रीफिंग में क्या-क्या कहा गया और भारत की विदेश नीति के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
| Jun 23, 2026, 18:35 IST
भारत का अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इस दौरान कतर में गैस संयंत्र में हुए हादसे, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति, ब्रिक्स देशों की सुरक्षा बैठक, भारत-चीन संबंध, फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही, भारत-यूएई रक्षा सहयोग और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से संबंधित घटनाओं पर चर्चा की गई।
कतर में गैस संयंत्र हादसा
प्रेस ब्रीफिंग में सबसे पहले कतर के रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में गैस संयंत्र में हुए गंभीर विस्फोट का जिक्र किया गया। प्रवक्ता ने इसे अत्यंत दुखद घटना बताते हुए कहा कि इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की जान गई है, जबकि अन्य देशों के कई नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। कुल 66 लोग घायल हुए हैं, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितने भारतीय हैं। विदेश मंत्रालय स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और मृतकों की पहचान तथा उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। सरकार मृतकों के परिवारों से लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
पाकिस्तान के आरोपों पर प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान भारत पर निराधार आरोप लगाकर अपने आंतरिक संकटों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का कारण वहां के लोगों का लंबे समय से हो रहा आर्थिक शोषण और मौलिक अधिकारों से वंचित होना है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इन प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिस बल का अत्यधिक इस्तेमाल किया और इंटरनेट सेवाएं बंद कीं।
ब्रिक्स सुरक्षा बैठक
विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक की जानकारी भी साझा की। प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान, इथियोपिया, ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। बैठक में गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, नई तकनीकों से उत्पन्न खतरों और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा की गई।
भारत-चीन संबंधों में प्रगति
एनएसए अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक पर विदेश मंत्रालय ने सकारात्मक संकेत दिए। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में हुई प्रगति को स्वीकार किया। भारत ने स्थिर और रचनात्मक संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया।
फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की स्थिति
फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की स्थिति पर जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में 10 भारतीय ध्वज वाले जहाज क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके अलावा, दो भारतीय जहाज खाड़ी में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे समुद्री यातायात सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं।
भारत-यूएई रक्षा सहयोग
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा साझेदारी पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय मजबूती आई है। उन्होंने बताया कि रक्षा सहयोग इस बढ़ते संबंध का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों के अपमान से जुड़ी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। भारत ने कहा कि इन घटनाओं के बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं और बांग्लादेश सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह चरमपंथी तत्वों पर नियंत्रण करे तथा अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
