भारत-चीन सीमा तनाव: NSA डोभाल की वांग यी से महत्वपूर्ण वार्ता
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय वार्ता
भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव के बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से द्विपक्षीय संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा की। ब्रिक्स देशों के NSA सम्मेलन के दौरान आयोजित इस बैठक में, डोभाल ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे के 'मुख्य चिंता वाले मुद्दों' के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। यह वार्ता सीमा पर तनाव को कम करने और आपसी समझ को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्थिरता और रचनात्मकता पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि NSA डोभाल ने स्थिर और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर जोर दिया, जो दोनों देशों के बीच विश्वास और समझ को बढ़ाने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा, 'डोभाल ने एक-दूसरे के मुख्य चिंता वाले मुद्दों के प्रति निरंतर संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।' हालांकि, जायसवाल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये मुद्दे क्या हैं।
एलएसी पर स्थिति की समीक्षा
बैठक में, दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स के मंच पर डोभाल और वांग यी की यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं। दीर्घकालिक शांति तभी संभव होगी जब चीन भारत की रणनीतिक और क्षेत्रीय चिंताओं को समझे और एलएसी पर अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को बहाल करने में सहयोग करे।
