भारत के सोने के भंडार पर फैक्ट चेक: RBI ने नहीं बेचा 12 अरब डॉलर का सोना
सोने के भंडार पर फैक्ट चेक
हाल ही में भारत के विदेशी मुद्रा और सोने के भंडार को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में काफी चर्चा हुई। इसमें यह दावा किया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेच दिया है। इस खबर ने निवेशकों और आम जनता के बीच कई सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए सच्चाई को स्पष्ट किया है। सरकार ने बताया कि RBI द्वारा 12 अरब डॉलर का सोना बेचे जाने का दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।
सरकार का स्पष्टीकरण
सरकार की फैक्ट-चेकिंग एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत के सोने के भंडार में कमी नहीं आई है, बल्कि यह लगातार बढ़ रहा है। सितंबर 2025 के अंत में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत तक पहुंच गई।
विवाद की शुरुआत
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि RBI ने लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा है। इस रिपोर्ट के बाद यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। हालांकि, फैक्ट-चेकिंग एजेंसी ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया देते हुए RBI के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला दिया और कहा कि ऐसी किसी भी बिक्री की पुष्टि नहीं हुई है।
RBI के पास सोने की मात्रा
RBI के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना है। इसमें से 312.32 मीट्रिक टन सोना इश्यू डिपार्टमेंट के एसेट के रूप में रखा गया है, जबकि 568.20 मीट्रिक टन सोना बैंकिंग डिपार्टमेंट के तहत है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत का सोने का भंडार मजबूत बना हुआ है।
सोने की कीमतों में वृद्धि
RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, हाल के महीनों में वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी RBI के सोने के भंडार की कुल वैल्यू को बढ़ाने में मदद की है। यही कारण है कि भारत के सोने के भंडार का मूल्य पहले की तुलना में और मजबूत दिखाई दे रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह
विदेशी मुद्रा भंडार और सोने के भंडार से संबंधित खबरों में केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए। RBI और सरकार के ताजा आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि भारत ने अपने सोने को बेचने के बजाय उसके भंडार को मजबूत बनाए रखा है।
