भारत के प्राचीन मंदिर: रामायण और महाभारत काल के अद्भुत स्थल
भारत के प्राचीन मंदिरों का महत्व
इन मंदिरों का अस्तित्व रमायण और महाभारत काल से हैImage Credit source: AI
भारत के प्राचीन मंदिर: भारत को मंदिरों का देश माना जाता है, जहां अनेक प्राचीन और रहस्यमय मंदिर विद्यमान हैं। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। आज हम आपको उन पांच प्राचीन मंदिरों के बारे में बताएंगे, जिनका संबंध रामायण और महाभारत काल से है। इन मंदिरों में भगवान राम और पांडवों ने पूजा की थी और ये आज भी विद्यमान हैं। आइए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
रामेश्वरम मंदिर
रामेश्वरम मंदिर, जो तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है, चार धामों और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह शिव जी को समर्पित है और इसे भारत के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। रामायण के अनुसार, भगवान राम ने लंका जाने से पहले यहां महादेव की पूजा की थी और विजय का आशीर्वाद लिया था। द्वापर युग में, पांडव भी यहां आए थे और शुद्धि प्राप्त की थी।
द्वारकाधीश मंदिर
द्वारकाधीश मंदिर गुजरात के द्वारका में गोमती नदी के किनारे स्थित है। यह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, जिन्होंने द्वारका नगरी की स्थापना की थी। मान्यता है कि द्वारका में भगवान राम के दिव्य मार्ग के भी अंश मौजूद हैं। इसे एक पवित्र स्थान माना जाता है।
बद्रीनाथ मंदिर
बद्रीनाथ मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमालय की गोद में स्थित है। इसे चार धाम तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम यहां आए थे और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया था, जबकि पांडवों ने यहीं से स्वर्ग की यात्रा की थी।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर
त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह उनके 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरी पर्वत की तलहटी में गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के पास स्थित है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान राम और पांडव इस पवित्र स्थान पर आए थे।
सोमनाथ मंदिर
सोमनाथ मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में वेरावल के पास समुद्र तट पर स्थित है। यह भी भगवान शिव को समर्पित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। कहा जाता है कि भगवान राम और पांडवों ने यहां शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा की थी। यह मंदिर कई आक्रमणों और पुनर्निर्माणों का साक्षी भी रहा है।
