भारत के निर्यात में वृद्धि: व्यापार समझौतों की नई पहल
भारत की इकोनॉमी के लिए सकारात्मक संकेत
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अप्रैल और मई 2026-27 के दौरान देश के निर्यात में दोहरे अंकों की वृद्धि हुई है, जो कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर है। वाणिज्य मंत्रालय 15 जून को मई के व्यापार आंकड़े जारी करेगा। अधिकारी ने बताया कि इन दो महीनों में निर्यात में 13.78 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे यह 43.56 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में इजाफा होने के कारण यह चार साल में सबसे अधिक मासिक निर्यात रहा। हालांकि, आयात में वृद्धि के चलते व्यापार घाटा बढ़कर 28.38 अरब डॉलर के तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
ट्रेड डील्स के लिए नई भर्ती
अधिकारी ने यह भी बताया कि वाणिज्य मंत्रालय देशभर से 1,000 लोगों की भर्ती करेगा ताकि भारत द्वारा तैयार किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की जानकारी फैलाई जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं के लोगों की आवश्यकता है और भर्ती प्रक्रिया के लिए कागजी कार्रवाई चल रही है।
भारत ने UAE, ओमान, ऑस्ट्रेलिया, EFTA समूह और मॉरीशस के साथ FTA लागू किए हैं। इसके अलावा, UK, न्यूजीलैंड और EU के साथ भी ऐसे समझौतों को अंतिम रूप दिया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत द्वारा अंतिम रूप दिए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों का हिस्सा है, जिनमें 38 विकसित देश शामिल हैं।
भारत के निर्यात का लक्ष्य
गोयल ने कहा कि ये समझौते भारत से वस्तुओं और सेवाओं के लिए विशेष बाजार पहुंच सुनिश्चित करते हैं, जो वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा लक्ष्य इस वर्ष एक ट्रिलियन डॉलर का निर्यात और अगले पांच वर्षों में दो ट्रिलियन डॉलर का निर्यात करना है। इस दिशा में, हम इजरायल, कनाडा और GCC समूह के छह देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत जल्द ही दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले SACU (दक्षिण अफ्रीका सीमा शुल्क संघ) के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेगा। इसके अलावा, हमने यूरेशियाई समूह, रूस और मध्य एशिया के साथ पहले ही बातचीत शुरू कर दी है। Mercosur के साथ विशेष व्यापार समझौते का विस्तार करने के लिए भी बातचीत चल रही है, और हमें मेक्सिको और इक्वाडोर से भी रुचि दिखाने वाले प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
