भारत के टैरिफ से अमेरिका में मची हलचल, सेनेटरों ने की राहत की मांग
भारत ने अमेरिका पर दालों पर 30% टैरिफ लगाया है, जिसके बाद अमेरिकी सेनेटरों ने राहत की मांग की है। यह मांग उस समय उठी है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते पर बातचीत चल रही है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और अमेरिका में उठ रही आवाज़ों के बारे में।
| Jan 17, 2026, 19:42 IST
भारत का टैरिफ और अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को एक प्रभावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हुए विश्व के विभिन्न देशों को धमकाने का प्रयास किया है। हाल ही में, उन्होंने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि यदि वे ग्रीनलैंड में उनके खिलाफ जाते हैं, तो वे टैरिफ लगाएंगे। इस बीच, भारत ने अमेरिका को एक जवाब दिया है, जिससे वहां हलचल मच गई है। भारत ने दालों पर टैरिफ लगाकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है, जिसके बाद अमेरिका में इस पर चर्चा शुरू हो गई है कि भारत से राहत की अपील की जाए। दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते पर बातचीत चल रही है, और इसी संदर्भ में दालों पर लगाए गए टैरिफ को लेकर मांग उठ रही है।
सेनेटरों की चिट्ठी और भारत के टैरिफ
अमेरिकी सेनेटरों ने भारत द्वारा दालों पर लगाए गए 30% टैरिफ को हटाने की मांग की है। ये सेनेटर अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य होते हैं, जो अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को एक पत्र लिखा है, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान शामिल करने की अपील की गई है। उनका कहना है कि भारत को अमेरिकी पीली मटर पर लगाए गए 30% टैक्स को समाप्त करना चाहिए।
दालों का महत्व और अमेरिकी किसानों पर प्रभाव
पत्र में उल्लेख किया गया है कि नॉर्थ डकोटा और मॉनटाना अमेरिका में मटर और अन्य दलहन फसलों के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। वहीं, भारत दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो वैश्विक खपत का लगभग 27% हिस्सा अपने पास रखता है। सेनेटरों ने कहा कि भारत में मसूर, चना, सूखी बींस और मटर जैसी दालों की खपत अधिक है, फिर भी अमेरिकी दालों पर भारी टैरिफ लगाया गया है। इससे अमेरिकी किसानों को भारतीय बाजार में अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचने में कठिनाई हो रही है। पत्र में यह भी बताया गया कि भारत ने 30 अक्टूबर 2025 को पीली मटर पर 30% टैरिफ लगाया था, जो 1 नवंबर 2025 से लागू हो चुका है।
व्यापारिक बातचीत और अमेरिकी सेनेटरों की मांग
यह मांग ऐसे समय में उठी है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है और जल्द ही इस पर कोई घोषणा की जा सकती है। इसलिए, अमेरिका के भीतर से यह मांग उठ रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत से बातचीत करें। आपको यह भी जानकर अच्छा लगेगा कि भारत ने भी अमेरिकी टैरिफ को ध्यान में रखते हुए कई वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया था, जिसमें दालें भी शामिल हैं।
