भारत के एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर की महत्वपूर्ण बैठकें
मॉस्को और साइपरस में महत्वपूर्ण कूटनीतिक गतिविधियाँ
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल वर्तमान में मॉस्को में हैं, जहां वे कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग ले रहे हैं। इस दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण बयानों का भी उल्लेख किया है। वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर यूरोप में साइपरस पहुंचे हैं, जहां उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ बैठकें की हैं, जिसमें यूक्रेन के साथ एक महत्वपूर्ण मुलाकात भी शामिल है।
डोभाल ने मॉस्को में पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम में भाग लिया, जहां उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए और जिम्मेदार देशों को यह तय करना होगा कि वे आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ हैं या नहीं।
यह बयान उस समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में आतंकवाद और प्रॉक्सी युद्ध अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियाँ बन गए हैं। भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है, इसलिए डोभाल का यह बयान वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण है।
डोभाल ने यह भी कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, क्योंकि वे वर्तमान चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साइपरस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक में भाग लिया, जो बदलती वैश्विक परिस्थितियों में नई साझेदारियों को मजबूत करने का एक अवसर है।
