भारत की विविधता में चटनी: 16 राज्यों की खास रेसिपीज़
भारत की चटनी: विविधता का स्वाद
“कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी” यह कहावत हमारे देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि थोड़ी दूरी पर पानी का स्वाद और भाषा बदल जाती है। इसी तरह, भारतीय खाने में चटनी का विशेष स्थान है। हर घर में अपनी पारंपरिक रेसिपी होती है और हर राज्य में अलग-अलग स्वाद मिलते हैं। भारतीय थाली चटनी और अचार के बिना अधूरी मानी जाती है। कई बार, सब्जी न होने पर भी हम चटनी के साथ चावल या रोटी का आनंद लेते हैं, क्योंकि यह बेहद स्वादिष्ट होती है।
चटनी हमारे खाने को और भी स्वादिष्ट बना देती है। उत्तराखंड से लेकर बिहार और राजस्थान तक, हर जगह विभिन्न सामग्रियों से चटनी बनाई जाती है। पुदीना और धनिया की चटनी तो लगभग हर घर में बनती है, लेकिन इसके अलावा भी कई राज्यों में अद्भुत चटनियां बनाई जाती हैं। आइए, जानते हैं कुछ खास चटनियों के बारे में।
राजस्थानी लहसुन की चटनी
लहसुन की चटनी भारतीय घरों में आमतौर पर बनाई जाती है, लेकिन राजस्थान की लहसुन की चटनी का स्वाद अनोखा होता है। इसमें मिर्च को दही या छाछ में भिगोकर रखा जाता है और फिर इसे छाछ के साथ पीसा जाता है। अंत में, इसमें देसी घी का तड़का लगाया जाता है।
महाराष्ट्र का थेचा
यह पारंपरिक चटनी पराठे, रोटी और चावल के साथ बेहतरीन लगती है। मूंगफली, हरा धनिया, जीरा और हरी मिर्च को थोड़े से तेल में भूनकर पीस लें। इसमें खटास के लिए नींबू का रस मिलाएं। मौसम के अनुसार आंवला और कच्चे आम का उपयोग करें।
नारियल की चटनी
दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर केरल और तमिलनाडु में, नारियल की चटनी बहुत लोकप्रिय है। इसे वड़ा, डोसा या इडली के साथ परोसा जाता है और यह स्वास्थ्यवर्धक भी होती है।
ड्राई कोकोनट चटनी
महाराष्ट्र में, थेचा के अलावा ड्राई कोकोनट चटनी भी बनाई जाती है, जिसे वड़ा पाव चटनी भी कहते हैं। इसके लिए ड्राई कोकोनट, लहसुन, मूंगफली, सफेद तिल और कश्मीरी मिर्च को भूनकर पीसते हैं।
भांग की चटनी
उत्तराखंड में भांग के बीजों की चटनी बनाई जाती है, जो बेहद स्वादिष्ट होती है। इसमें भांग के बीज, हरी मिर्च, लहसुन, हरा धनिया और नमक को पीसकर नींबू का रस मिलाया जाता है।
कसौंदी चटनी
बंगाल में कसौंदी चटनी परोसी जाती है, जो तीखी और सुगंधित होती है। इसे पीली और काली सरसों, हरी मिर्च, सरसों का तेल, वाइट विनेगर, इमली का गूदा और नमक के साथ बनाया जाता है।
आंध्र की टमाटर चटनी
आंध्र प्रदेश में चटपटी टमाटर की चटनी बनाई जाती है। इसमें सरसों, हींग, मेथी दाना और सूखी लाल मिर्च को भूनकर कटे हुए टमाटर और इमली का पल्प मिलाया जाता है।
मणिपुर की इरोम्बा चटनी
मणिपुर में इरोम्बा चटनी बनाई जाती है, जिसमें उबले आलू, टमाटर, फर्मेंटेड फिश और अन्य सब्जियों का उपयोग होता है। इसे सूखी मिर्च के साथ पीसा जाता है।
हिमाचल की चुरपी चटनी
हिमाचल प्रदेश में चुरपी चटनी बनाई जाती है, जो प्रोटीन से भरपूर होती है। इसे याक या गाय के दूध से बने पनीर के साथ बनाया जाता है।
पूर्वोत्तर की ड्राई फिश चटनी
पूर्वोत्तर राज्यों में ड्राई फिश की चटनी आमतौर पर बनाई जाती है। इसमें भुनी हुई सूखी मछली को प्याज और हरी मिर्च के साथ पीसते हैं।
आमरी फूल की चटनी
छत्तीसगढ़ में आमरी फूल की चटनी बनाई जाती है, जिसे कुदरुम या अम्बाडी के नाम से भी जाना जाता है। इसमें आमरी के फूलों को लाल या हरी मिर्च, लहसुन और नमक के साथ पीसते हैं।
अखुनी चटनी नागालैंड
नागालैंड में अखुनी चटनी बनाई जाती है, जो तीखी और स्मोकी होती है। इसे फर्मेंटेड सोयाबीन के साथ पकाया जाता है।
कच्चे-आम की चटनी (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश में कई प्रकार की चटनियां लोकप्रिय हैं, जैसे हरे धनिया, टमाटर, लहसुन, और कच्चे आम की चटनी।
गुजरात की चटनी
गुजरात में खजूर-इमली की चटनी बहुत पसंद की जाती है। इसे वड़ा, समोसे और चाट के साथ परोसा जाता है।
तीसी की चटनी (बिहार)
बिहार में सर्दियों में तीसी यानी अलसी की चटनी बनाई जाती है, जिसे ड्राई या पेस्ट के रूप में तैयार किया जाता है।
दून चेतिन चटनी कश्मीर
कश्मीर में दून चेतिन चटनी बनाई जाती है, जो अखरोट से बनती है। इसे पारंपरिक तरीके से ओखली में कूटकर तैयार किया जाता है।
